श्रीराम ट्विस्टेक्स ने आईपीओ निवेशकों को दिया झटका, पहले दिन ही 30 फीसदी नुकसान

युगवार्ता    02-Mar-2026
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प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 02 मार्च (हि.स.)। कॉटन यार्न का उत्पादन करने वाली कंपनी श्रीराम ट्विस्टेक्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में भारी डिस्काउंट के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 104 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग करीब 35 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 70 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर 68 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण ये शेयर टूट 66 रुपये के स्तर तक गिर गया। बाद में खरीदारों ने लिवाली शुरू कर इस शेयर की स्थिति में सुधार करने की कोशिश भी की। पूरे दिन के कारोबार के बाद कंपनी के शेयर बीएसई पर 30.55 रुपये की कमजोरी के साथ 73.45 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर 32.60 रुपये की कमजोरी के साथ 71.40 रुपये के स्तर पर बंद हुए। इस तरह पहले दिन के कारोबार के बाद कंपनी के आईपीओ निवेशक करीब तीस प्रतिशत के नुकसान में रहे।

श्रीराम ट्विस्टेक्स लिमिटेड का 110.24 करोड़ रुपये का आईपीओ 23 से 25 फरवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 43.66 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 3.94 गुना सब्सक्राइब हुआ था। नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 220.30 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 76.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 1.06 करोड़ नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी 6.1 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट और 4.2 मेगावाट के थर्मल पावर प्लांट का सेटअप करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 2.05 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 6.55 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर आठ करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को सात करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 213.58 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 231.72 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 256.32 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 132.27 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 55.70 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 67.04 करोड़ रुपये और 2024-25 में मामूली गिरावट के साथ 62.48 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी पर 60.70 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 49.36 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में घट कर 37.42 करोड़ रुपये हो गया। वहीं 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 44.66 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 51.33 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 17.40 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 20.19 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 21.85 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 17.04 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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