
नई दिल्ली, 20 मार्च (हि.स.)। फार्मास्यूटिकल सेक्टर में काम करने वाली कंपनी स्पेशियलिटी मेडिसिन्स लिमिटेड का 29.14 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 24 मार्च तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 25 मार्च को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 27 मार्च को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 30 मार्च को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। दोपहर दो बजे तक कंपनी के आईपीओ को 46 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 117 रुपये से लेकर 124 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,000 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 2,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,48,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 23.50 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए अधिकतम दो प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए न्यूनतम 49 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए भी न्यूनतम 49 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए यूनीस्टोन कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि स्काईलाइन फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं ऐक्यम कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 2.93 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 8.61 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 अक्टूबर 2025 तक कंपनी को 6.06 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 27.66 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 58.54 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की में अप्रैल से 31 अक्टूबर 2025 तक कंपनी को 36.93 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 2.86 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 5.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 अक्टूबर 2025 तक कंपनी पर 4.81 करोड़ रुपये का कर्ज था।
इस अवधि में कंपनी के नेट वर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेट वर्थ 15.06 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 23.98 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 अक्टूबर 2025 तक कंपनी का नेट वर्थ उछल कर 30.04 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 5.26 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 9.09 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 अक्टूबर 2025 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 6.51 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक