
नई दिल्ली, 20 मार्च (हि.स)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में इनकम टैक्स वेबसाइट 2.0 और 'प्रारंभ 2026' को लॉन्च किया, जिसका मकसद टैक्स को आसान बनाना और मुकदमों को कम करना है।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने 'प्रारंभ 2026' के लॉन्चिंग के अवसर पर संबोधन में कहा कि नया आयकर अधिनियम मुकदमों को काफी हद तक कम करने और अनुपालन को सरल बनाने का प्रयास करता है; उन्होंने कर अधिकारियों से आग्रह किया कि वे करदाताओं को विरोधी मानने के बजाय राष्ट्र निर्माण में भागीदार के रूप में देखें।
आयकर अधिनियम, 2025 पर राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान” शुरू करते हुए वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स वेबसाइट 2.0 को भी लॉन्च किया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर अधिकारियों को कहा, 'टैक्स देने वाला आपका विरोधी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में आपका साझीदार है।' उन्होंने इनकम टैक्स अधिकारियों से ज्यादा सहयोगात्मक सोच अपनाने का आग्रह किया।
सीतारमण ने अपने संबोधन में कहा कि मैं एक नया दृष्टिकोण, एक नई मानसिकता चाहती हूं। मैं आयकर अधिकारियों से आग्रह करती हूं कि वे इस प्रारंभ को इस नई मानसिकता को अपनाने के अवसर के रूप में लें। वित्त मंत्री ने शायराना अंदाज में कहा कि छोड़ो कल की बातें, कल की बात पुरानी, आओ मिलकर लिखेंगे हम इनकम टैक्स की नइ कहानी।
वित्त मंत्री ने कहा कि मैं आयकर विभाग को एक संदेश देना चाहती हूं। आप केवल टैक्स वसूलने वाले ही नहीं हैं, आप करदाताओं के साथ सरकार के संबंधों का चेहरा हैं। उन्होंने कहा कि चूँकि आप टैक्स देने वालों के साथ सरकार के रिश्ते का चेहरा हैं, इसलिए यह नया कानून आपको एक ज्यादा साफ और सुव्यवस्थित ढांचा देता है, ताकि इसे आसान बनाया जा सके—उन लोगों के लिए और भी आसान, जो इसे बेहतर ढंग से समझना चाहते हैं।
सीतारमण ने कहा इसे सहानुभूति, निष्पक्षता और कुशलता के साथ लागू किया जाना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि हर अधिकारी इस नए कानून की भावना को पूरी तरह से अपनाएगा। टैक्स देने वाला आपका विरोधी नहीं है। टैक्स देने वाला राष्ट्र निर्माण में आपका साझीदार है।
वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में एआई शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधनमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण का जिक्र किया जिसमें में उन्होंने एम.ए.एन.ए.वी. के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा विजन है, जिसे उन्होंने मानव-केंद्रित डिजिटल युग बनाने के लिए पेश किया, जो इस प्रकार है। एम:- नैतिक और आचार-संबंधी प्रणालियां, ए:- जवाबदेह शासन, एन:- राष्ट्रीय संप्रभुता, ए:- सुलभ और समावेशी एआई और वी:- वैध और न्यायसंगत प्रणालियां।
उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 'प्रारंभ 2026' अभियान लॉन्च किया है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए 'आयकर अधिनियम 2025' के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक राष्ट्रव्यापी पहल है। यह पहल जटिलता को कम करने, आयकर पोर्टल 2.0 के माध्यम से कर अनुपालन को आसान बनाने, और एमएसएमई को राहत देने के लिए एक बड़ा कर सुधार है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर