
नई दिल्ली, 21 मार्च (हि.स.)। फार्मास्यूटिकल फॉर्मेशन तैयार करने वाली कंपनी साई पैरेंटेरल्स लिमिटेड ने अपने आईपीओ की लॉन्चिंग का ऐलान कर दिया है। कंपनी का 408.79 करोड़ रुपये का आईपीओ 24 मार्च को खुलेगा। इस आईपीओ में निवेशक 27 मार्च तक बोली लगा सकेंगे। वहीं एंकर इन्वेस्टर्स इस आईपीओ में 23 मार्च को बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 30 मार्च को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि एक अप्रैल को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर दो अप्रैल को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 372 से लेकर 392 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 38 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 38 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,896 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर्स 1,93,648 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 494 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1,04,28,288 शेयर जारी किए जाएंगे। इनमें 284.79 करोड़ रुपये के 72,70,408 नए शेयर जारी होंगे, जबकि 124 करोड़ रुपये के 31,57,880 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जाएंगे।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए न्यूनतम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए अरिहंतक कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है। वहीं बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 4.38 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 8.42 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 14.43 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 7.76 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।
इस दौरान कंपनी की कुल आय में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 97.03 करोड़ की कुल आय हुई, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 155.18 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 163.74 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी 89.43 करोड़ रुपये की आय अर्जित कर चुकी है।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 68.55 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 118.79 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 93.95 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 76.07 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 31.49 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 76.40 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 95.78 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 209.37 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 24.34 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 61.30 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 80.36 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 188.84 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 17.64 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 31.70 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 39.44 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 16.24 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक