
काठमांडू, 22 मार्च (हि.स.)। मुस्तांग जिले में हुई बर्फबारी ने किसानों और पशुपालकों को बड़ी राहत दी है। लगातार बर्फबारी से कृषि और चराई की संभावनाएं बेहतर हुई हैं।
अपर मुस्तांग और मुक्तिनाथ क्षेत्र सहित कई इलाकों में शुक्रवार रात से ही शुरू हुई लगातार भारी बर्फबारी रविवार सुबह तक जारी है। घरपाज्होंग और थासांग के ऊंचे इलाकों में अधिक बर्फ गिरी, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हुई।
अपर मुस्तांग, वारागुंग मुक्तिक्षेत्र, घरपाज्होंग और थासंग के चरागाह पूरी तरह बर्फ से ढंक गए हैं। मुक्तिक्षेत्र और अपर मुस्ताङ के कुछ हिस्सों की खेती योग्य जमीन भी पूरी तरह बर्फ से ढकी हुई है।
घरपाज्होंग के थिनी गांव के ऊपर स्थित ऊंचे चरागाह, जो पशुपालन के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं, वे भी बर्फ से ढंक गए हैं। स्थानीय पशुपालक च्याङ बहादुर थकाली ने बताया कि भ्रुप्सा, यारुजो व्यू टावर, नामखुलेख और तिलिचो ट्रेकिंग मार्ग के मेसोकोंडो पास जैसे क्षेत्रों में भी बर्फ जमी हुई है।
थकाली ने कहा कि इस वर्ष की बर्फबारी कई वर्षों की कमी के बाद राहत लेकर आई है, क्योंकि पहले ऊंचे चरागाहों में घास की कमी हो रही थी। उन्होंने बताया कि बिना तूफान होने वाली बर्फबारी घास के अच्छे उत्पादन में मदद करती है, जिससे पशुपालन को लाभ होता है।
उन्होंने यह भी बताया कि हाल के वर्षों में जलवायु परिवर्तन के कारण मुस्ताङ में पशुपालन प्रभावित हुआ है। बर्फबारी के पैटर्न में बदलाव, ऊंचाई वाले झीलों के तापमान में वृद्धि, और ग्लेशियर तथा जलस्रोतों के सूखने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। इसके साथ ही अवांछित वनस्पति के बढ़ने से चरागाह की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है।
थकाली के अनुसार पर्याप्त बर्फबारी से न केवल चरागाह बेहतर होते हैं बल्कि यह हिम तेंदुआ जैसे वन्यजीवों के आवास को भी सुरक्षित रखती है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावना कम होती है।
कृषि से जुड़े किसानों ने भी इस हिमपात का स्वागत किया है। उनके अनुसार समय पर गिरी बर्फ धीरे-धीरे पिघलकर मिट्टी में नमी बनाए रखती है और सिंचाई में मदद करती है। आलू, जौ, गेहूं और हरी सब्जियों की बुवाई पहले ही हो चुकी है, जबकि सेब के फूल आने का मौसम नजदीक है। किसानों ने उम्मीद जताई है कि फूल आने के समय तक बर्फबारी कम हो जाएगी।
किसानों को यह भी विश्वास है कि बर्फबारी कीट और रोगों को नियंत्रित करने में मदद करेगी, क्योंकि बर्फ प्राकृतिक जैविक कीटनाशक की तरह काम करती है। इस बीच, बर्फबारी ने पर्यटन सीजन में मुस्ताङ के आकर्षण को भी बढ़ा दिया है। उम्मीद है कि बर्फ का आनंद लेने के लिए अधिक संख्या में पर्यटक यहां आएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास