
नई दिल्ली, 23 मार्च (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व में जारी संघर्ष और उथल-पुथल के बीच भारत को एक उदाहरण बताया जिसने विविधता और लचीलापन अपनाकर सप्लाई चैन की चुनौती का सामना किया है। उन्होंने कहा कि भारत आज आपदाओं का सामना करते हुए लगातार आगे बढ़ रहा है। ऐसा कोई वर्ष नहीं गुजरा जिसने भारतीयों की परीक्षा न ली हो। आज का भारत चुनौतियों से घबराता नहीं बल्कि टकराता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को एक टीवी चैनल के कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर विद्वेष की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विकास का विरोध पार्टी की राजनीति का अब एकमात्र लक्ष्य है । वहीं संकट के काल में भी उनकी सरकार विकास के कार्यों को रुकने नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राष्ट्र नीति को राजनीति का आधार मानती है और हमारे लिए देश सर्वोपरि है।
दुनिया भर में छाए ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार लोगों को इस संकट से बचाने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर ऐसे समय में भी राजनीति करने का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री ने इस संबंध में एक उदाहरण दिया और कहा कि 2009-10 में जब देश में तेल संकट आया था तब उस समय की सरकार ने भविष्य की पीढ़ी पर कर्ज का बोझ डाल दिया था। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने निर्णय को गलत बताया था। तब भी सरकार ने 1,48000 करोड़ के तेल बांड जारी किए । कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार ने आने वाली पीढ़ी पर कर्ज डाल दिया। 2020 के बाद उसकी पेमेंट होनी थी और पिछले चार-पांच साल में हमने कांग्रेस के उस पाप को धोने की काम किया है। इसके लिए अब सरकार को 3 लाख करोड़ चुकाने पड़े।
प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में करोड़ों के निवेश के बावजूद भी वहां तृणमूल सरकार विकास कार्यों को रोकने में बाधा डाल रही है। पिछले 11 सालों में इतना बड़ा निवेश होने के बाद भी आयुष्मान योजना, पीएम सूर्य घर योजना, पीएम आवास योजना और चाय बागान श्रमिकों के लिए बनाई योजना को राज्य सरकार ने अपने यहां लागू नहीं होने दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विकास की जगह अपने स्वार्थ को प्राथमिकता दे रही है।
प्रधानमंत्री ने प्रबंधन से जुड़े कुछ सबक बताए और यह समझाया कि कैसे उनकी सरकार कार्य की गति को बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि आकलन जागरूकता पैदा करता है और जवाब देही के साथ संभावनाओं को जन्म देता है। उनकी सरकार के बेहतर प्रबंधन के चलते ही आज हाईवे निर्माण 11 किलोमीटर से 30 किलोमीटर तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने विकास के असंतुलन को अवसरों में बदल दिया है। असम में अब सेमीकंडक्टर की फैक्ट्री लग रही है। बिहार में एक दशक में गंगा नदी पर पांच-पांच पुल बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग से पहचान बना रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विरोध और विद्वेष के बीच एक रेखा होती है देश को बदनाम करना कांग्रेस की नियत पर सवाल उठता है। कांग्रेस पार्टी विकास का विरोध करती है और राष्ट्र की उपलब्धियां की आलोचना करती है। वैक्सीन कार्यक्रम, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया जैसे अभियानों का कांग्रेस पार्टी ने मजाक उड़ाया है। जबकि भारत तो दुनिया में सबसे बड़े वैक्सीनेशन कार्यक्रम का उदाहरण बना है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अनूप शर्मा