देश का निर्यात लगातार ऊपर की ओर, व्यापार को बढ़ावा देने के प्रयास तेज : जितिन प्रसाद

युगवार्ता    24-Mar-2026
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लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते जितिन प्रसाद का फाइल फोटो


-जिला स्तरीय निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने के लिए जिला निर्यात केंद्र पहल का किया विस्तार

नई दिल्ली, 24 मार्च (हि.स)। देश का निर्यात चालू वित्त वर्ष 2025-26 में लगातार ऊपर की ओर बढ़ता जा रहा है, जो अप्रैल से जनवरी के दौरान 714.73 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। यह भू-राजनीतिक तनाव, आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटों और कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच देश के लचीलेपन को दर्शाता है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने मंगलवार को लोकसभा में एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने सदन को बताया कि सरकार ने वैश्विक व्यापार उपस्थिति बढ़ाने के लिए निर्यात इकोसिस्टम को सुदृढ़ किया है। प्रसाद ने कहा कि भू-राजनीतिक व्यवधानों से उत्पन्न निर्यात जोखिम कम करने के लिए रिलीफ स्कीम शुरू की गई है। इससे भारत का कुल निर्यात चालू वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-जनवरी) में बढ़कर 714.73 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। लोकसभा में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार वस्तुओं और सेवाओं के कुल निर्यात में 5.26 फीसदी की वृद्धि हुई है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में दर्ज 679.02 अरब अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 36 अरब अमेरिकी डॉलर की बढ़ोतरी है।

उन्होंने कहा कि देश का व्यापारिक प्रदर्शन सुदृढ़ और गतिशील बना हुआ है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-जनवरी) और दीर्घकालीन अवधि वित्त वर्ष 2021-25 दोनों में निर्यात में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। वैश्विक अनिश्चितता, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और अस्थिर वस्तु कीमतों के बावजूद, भारत का निर्यात व्यापक रूप से बढ़ता रहा है। प्रसाद ने कहा कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल-जनवरी के दौरान वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात 36 अरब डॉलर बढ़कर 714.73 अरब डॉलर हो गया, जो वित्त वर्ष 2024-25 अप्रैल-जनवरी के 679.02 अरब डॉलर से 5.26 फीसदी की वृद्धि दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2024-25 की अवधि में निर्यात में 6.9 फीसदी की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की गई, जिसके परिणामस्वरूप निर्यात मूल्य वित्त वर्ष 2020-21 में 497.90 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 828.25 अरब डॉलर हो गया। जितिन प्रसाद ने कहा कि यह निरंतर विस्तार भारत की विविध और गतिशील निर्यात वृद्धि को बनाए रखने की क्षमता रेखांकित करता है, जिससे चुनौतीपूर्ण बाहरी परिस्थितियों में भी भारत वैश्विक व्यापार में एक सशक्त देश के रूप में बना हुआ है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि भारत सरकार ने जिला स्तरीय निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने के लिए जिला निर्यात केंद्र पहल का विस्तार किया है। उन्होंने बताया कि जिला निर्यात केंद्र पहल के तहत सभी 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में राज्य निर्यात संवर्धन समितियों (एसईपीसी) और जिला निर्यात संवर्धन समितियों (डीईपीसी) के रूप में तंत्र गठित किए गए हैं। 590 जिलों के लिए जिला निर्यात कार्य योजनाओं (डीईएपी) के मसौदे तैयार किए गए हैं, जिनमें से 249 को संबंधित डीईपीसी द्वारा औपचारिक रूप से अधिसूचित किया जा चुका है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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