
नई दिल्ली, 24 मार्च (हि.स)। पश्चिम एशिया में नरमी के संकेत के बावजूद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के दाम में तेजी बनी हुई है। इसकी वजह ईरान का वह बयान है, जिसमें उसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'सफल बातचीत' वाले दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ब्रेंट करीब 103 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड लगभग 2.75 डॉलर (2.75 फीसदी) उछाल के साथ 102.69 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार ट्रेंड कर रहा है। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड में भी तेजी देखने को मिल रही है, जो 2.77 डॉलर यानी करीब 3.14 फीसदी की बढ़त के साथ 90.90 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि जब तक होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से नहीं खुल जाता है, तब तक कच्चे तेल की कीमतों में भारी अस्थिरता बनी रहेगी। इससे पहले पिछले सत्र में कच्चे तेल की कीमतों में 10 फीसदी से अधिक की गिरावट आई थी। यह गिरावट उस समय देखी गई जब ट्रंप ने ईरान पर हमलों को पांच दिन के लिए टालने की घोषणा की थी और ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत में प्रगति के संकेत मिले थे।
गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषकों ने वर्ष 2026 के लिए कच्चे तेल कीमतों के अपने अनुमान को बढ़ा दिया है। अब ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत 85 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान जताया है, जो पहले के 77 डॉलर के अनुमान से 10.38 फीसदी अधिक है। इसी तरह, डब्ल्यूटीआई की कीमत 79 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है, जो पहले के 72 डॉलर के अनुमान से 9.72 फीसदी अधिक है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर