
नई दिल्ली, 25 मार्च (हि.स.)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 10 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश से जुड़े नेटवर्क के जरिए अवैध हथियार भारत में सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से एक सब-मशीन गन समेत 21 अत्याधुनिक विदेशी हथियार और 200 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
डीसीपी क्राइम ब्रांच संजीव कुमार यादव के अनुसार यह गिरोह पुरानी दिल्ली के वॉल्ड सिटी इलाके, खासकर जामा मस्जिद क्षेत्र से संचालित हो रहा था। संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाके का फायदा उठाकर आरोपी हथियारों की तस्करी और सप्लाई का काम कर रहे थे। जांच में सामने आया कि आरोपी एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप और वीओआईपी कॉल का इस्तेमाल करते थे और बार-बार सिम कार्ड एवं मोबाइल बदलते थे। भुगतान हवाला के जरिए किया जाता था।
क्राइम ब्रांच की टीम ने इंस्पेक्टर मान सिंह, इंस्पेक्टर अरविंद सिंह और इंस्पेक्टर सुंदर गौतम के नेतृत्व में लगातार तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से इस पूरे नेटवर्क को ट्रैक किया। 13-14 मार्च को दरियागंज के बृजमोहन चौक के पास जाल बिछाकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से पिस्टल और कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में पूरे गिरोह का खुलासा हुआ और अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर बाकी आरोपियों को भी दबोच लिया गया।
पुलिस जांच में पता चला कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड शाहबाज अंसारी है, जो फिलहाल भारत से फरार होकर बांग्लादेश में छिपा हुआ है। वह पहले भी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के एक मामले में गिरफ्तार हो चुका है और पंजाबी गायक सिद्धू मुसेवाला की हत्या से जुड़े नेटवर्क में भी उसका नाम सामने आ चुका है।
गिरोह का काम करने का तरीका बेहद संगठित था। पाकिस्तान से हथियार पहले मिडिल ईस्ट भेजे जाते थे, जहां से उन्हें अलग-अलग पार्ट्स में नेपाल पहुंचाया जाता था। वहां उन्हें दोबारा असेंबल कर भारत-नेपाल सीमा के रास्ते भारत में तस्करी कर लाया जाता था। इसके बाद दिल्ली-एनसीआर समेत अन्य राज्यों में सक्रिय गैंगों को सप्लाई किया जाता था। बरामद हथियारों में चेक रिपब्लिक की बनी स्कॉर्पियन सब-मशीन गन, इटली की बेरेटा, जर्मनी की वाल्थर, ब्राजील की टॉरस और तुर्की की स्टोएगर जैसी अत्याधुनिक पिस्टल शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक कुछ हथियार ऐसे हैं जो आमतौर पर स्पेशल फोर्सेज द्वारा इस्तेमाल किए जाते हैं। आरोपियों में से कुछ पहले से भी आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं और कई गैंग से उनके संबंध हैं। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। क्राइम ब्रांच ने कहा है कि इस कार्रवाई से राजधानी और आसपास के इलाकों में सक्रिय आपराधिक गिरोहों को बड़ा झटका लगा है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी