





- रामनवमी पर उमड़ा सैलाब, 35 लाख श्रद्धालु पहुंचे अयोध्या
- श्रद्धा व भक्तिभाव से मनाया गया श्रीरामलला का जन्मदिन
अयोध्या, 27 मार्च (हि.स.)। पूरे भारत सहित उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भी रामनवमी का पर्व बड़े उल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। शुक्रवार को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर ठीक दोपहर 12 बजे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु श्रीराम का प्रतीकात्मक जन्म मनाया गया।भगवान सूर्य ने अपनी किरण से श्रीरामलला का मस्तकाभिषेक किया। उसके बाद प्रतिमा का पंचामृत से अभिषेक किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र
माेदी ने नई दिल्ली में श्रीराम मंदिर में भगवान सूर्य की किरणाें से श्रीरामलला के मस्तकाभिषेक का सीधा प्रसारण देखा। राम जन्मोत्सव पर पूरी अयोध्या में अभूतपूर्व उत्साह दिखा है। रामनवमी के दिन शुक्रवार को अयोध्या नगरी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जिला प्रशासन के अनुसार
26 व 27 मार्च को करीब 35 लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं।
पावन नगरी अयोध्या रामनवमी के अवसर पर भक्ति, उल्लास और भव्यता से सराबोर रही। रामलला के जन्म के साथ ही नगर में चारों ओर भए प्रगट कृपाला, दीन दयाला की गूंज सुनाई देने लगी। जन्मभूमि मंदिर में श्रीराम के जन्म होने के बाद आरती उतारी गई। प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव पर राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला को सूर्य की किरणों से दिव्य 'सूर्य तिलक' हुआ। दोपहर ठीक 12 बजे सूर्य की स्वर्णिम किरणें वैज्ञानिक व्यवस्था के माध्यम से गर्भगृह में प्रवेश कर रामलला के मस्तक पर चार मिनट तक विराजमान रहीं। उसके बाद प्रतिमा का पंचामृत से अभिषेक किया गया। श्रीजन्मभूमि मंदिर में श्रीराम का जन्म होते ही पूरी अयोध्या में जमकर पटाखे छूटे। श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह दिखा है। भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव में शामिल होने के अयोध्या पहुंचे बड़ी संख्या में श्रद्धालु पर मंदिर के मुख्य मार्ग पर संतों ने पर फूल बरसाए।
रामनवमी पर दाे दिन में 35 लाख श्रद्धालु पहुंचे अयाेध्या
जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुण्डे ने बताया कि रामनवमी के अवसर पर 26 व 27 मार्च को दाे दिन करीब 35 लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आज दोपहर तक लगभग 3.5 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं अनुमान है कि देर रात तक यह संख्या बढ़कर करीब 4 लाख तक पहुंच सकती है। रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु दर्शन व्यवस्था के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
पूरी अयाेध्या में दिखा जबरदस्त उत्साह
रामनवमी के दिन श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को फूलों, रोशनी और रंग-बिरंगी लड़ियों से सजाया गया था। सुबह से ही मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और आरती का सिलसिला चल रहा था। श्रीराम लला के सूर्य के किरण से मस्तकाभिषेक का दृश्य देखने लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामनगरी पहुंचे। हर तरफ जय जय सियाराम, जय श्री राम के जयकारे गूंजते रहे। सूर्य तिलक रामलला के प्रति ईश्वरीय कृपा और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रभु राम के प्रति अटूट आस्था का संदेश देगा। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रभु श्रीराम के जन्म पर देश व प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और सोशल मीडिया पर भावपूर्ण संदेश साझा किया। प्रधानमंत्री ने दिल्ली से लाइव देखा सूर्य किरण से श्रीरामलला का मस्तकाभिषेक
बेंगलुरु के वैज्ञानिकों की विकसित प्रणाली में सूर्य की किरणों को सटीक रूप से श्रीरामलला के मस्तक तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई थी। दिन में ठीक दोपहर 12 बजे रामलला के दिव्य भाल पर भगवान सूर्य की किरण का स्वर्णिम तिलक किया गया। आस्था और आधुनिक विज्ञान के अद्भुत मिलन का प्रतीक यह परंपरा हर वर्ष रामनवमी पर दोहराई जाती है और यह भारत की प्राचीन ज्योतिषीय एवं वास्तु विद्या के साथ आधुनिक ऑप्टिकल साइंस का संगम दर्शाती है। श्रीरामलला के सूर्य किरण से मस्तकाभिषेक का दूरदर्शन ने लाइव प्रसारण किया। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी ने इसका लाइव प्रसारण देखा।
सूर्य तिलक आस्था, आत्मगौरव और अध्यात्म का आलोक : मुख्यमंत्री याेगी
रामनवमी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर भावपूर्ण संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, “सूर्यवंश शिरोमणि प्रभु श्री रामलला के दिव्य भाल पर विराजित यह स्वर्णिम 'सूर्य तिलक' आस्था, आत्मगौरव और अध्यात्म का आलोक है। यह तिलक सनातन संस्कृति की शाश्वत चेतना को जागृत करता हुआ, भारत के जन-जन के हृदय में श्रद्धा, शक्ति और स्वाभिमान का संकल्प-सूर्य प्रज्ज्वलित कर रहा है। यह भारत को उसकी मूल आत्मा से पुनः जोड़ रहा है। प्रभु श्री राम के दिव्य 'सूर्य तिलक' का आलोक 'विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत' के संकल्पों को दिशा दे रहा है। क्योंकि जहां राम हैं, वहीं राह है, और वहीं भारत उजास बनकर जगमगाता है। जय जय श्री राम।”
श्रीरामलला को 56 भोग अर्पित, मंदिरों में हुआ कीर्तन
रामनवमी के दिन जन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए। दशरथ महल, कनक भवन, हनुमान गढ़ी सहित अयोध्या के हजारों मंदिरों में भी राम जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। करीब आठ हजार मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, कीर्तन और सत्संग का आयोजन हुआ। राम पथ, सरयू घाट और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों का सैलाब दिखाई दिया। जगह-जगह भंडारे लगाए गए, जहां मथुरा से आई लगभग 5 क्विंटल पंजीरी और लड्डू प्रसाद के रूप में वितरित किए गए।
चाक चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था
रामनचमी पर अयाेध्या में जिला प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी । अयोध्या को कई जोनों और सेक्टरों में बांटा गया। ट्रैफिक प्लान लागू किया गया, ड्रोन निगरानी, एंटी-ड्रोन सिस्टम और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। भीड़ प्रबंधन के लिए होल्डिंग एरिया, बैरियर और शटल सेवाएं व्यवस्थित की गईं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इंटेलिजेंस एजेंसियां सतर्क रहीं। परिणामस्वरूप उत्सवपूर्ण शांति और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय