
तेहरान, 28 मार्च (हि.स.)। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने इजराइल के अहम सैन्य और रणनीतिक ठिकाने हाइफ़ा और बेन गुरियन एयरपोर्ट पर ड्रोन से हमला किया।
ईरान की अर्ध सरकारी समाचार संस्था तसनीम न्यूज एजेंसी ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के हवाले से बताया कि शनिवार तड़के हाइफ़ा बंदरगाह स्थित इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और रडार केंद्र ईलटा और बेन गुरियन हवाई अड्डे पर ईंधन भंडारण सुविधाओं को ड्रोन हमलों द्वारा निशाना बनाया गया जाे इजराइल के एयरोस्पेस समूह का हिस्सा है।
आईआरजीसी के अनुसार ईलटा मुनिशन इंडस्ट्रीज जो इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज़ (आईएआई) की एक सहायक कंपनी है, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के क्षेत्र में अग्रणी और सबसे महत्वपूर्ण केंद्रों में से एक है। यह विभिन्न प्रकार के रडार, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, हवाई प्रणाली और उपग्रह मार्गदर्शन तथा निगरानी उपकरण बनाती है।
ईरानी सेना ने कहा कि इस इजराइली केंद्र को हुए नुकसान का सीधा असर ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की क्षमता और इजराइल के इलेक्ट्रॉनिक युद्ध सहायता अभियानों पर असर पड़ेगा।
ईरानी सेना ने कहा कि तेल अवीव के दक्षिण-पूर्व में बेन गुरियन हवाई अड्डे स्थित ईंधन भंडारण सुविधाओं काे हाल के दिनों में आईआरजीसी ने ड्रोनाें से बार-बार निशाना बनाया है। अमेरिकी-इजराइल के हाइब्रिड हवाई अभियानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सहायता केंद्रों में से हैं और ईरान की ओर से हुए हमलों के कारण इन केंद्रों के विमानों को ईंधन की आपूर्ति करने में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमले में ईरान के सर्वाेच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के साथ ही कई वरिष्ठ सैन्य कमांडरों और नागरिकों की माैत हाे गई थी। इसके जवाब में ईरान ने कार्रवाई करते हुए खाड़ी देश में माैजूद अमेरिका और इजराइल के सैन्य ठिकानों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया है।
-------------
हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी