
नई दिल्ली, 29 मार्च (हि.स.)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने टेली-लॉ पहल पर राष्ट्रीय परामर्श कार्यक्रम में कहा कि न्याय तक पहुंच लोकतंत्र की आधारशिला है और यह सुनिश्चित करना सामूहिक जिम्मेदारी है कि न्याय कुछ लोगों का विशेषाधिकार नहीं बल्कि सभी के लिए उपलब्ध अधिकार बने।
उपराष्ट्रपति ने रविवार को यहां विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा दिशा योजना के अंतर्गत आयोजित टेली-लॉ पहल पर राष्ट्रीय परामर्श को संबोधित किया। इस अवसर पर विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर टेली-लॉ पहल को कानूनी सेवाओं का लोकतंत्रीकरण करने वाला सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए, खासकर महिलाओं, ग्रामीण क्षेत्रों और वंचित वर्गों के लिए। यह राष्ट्रीय परामर्श न्याय प्रणाली को अधिक समावेशी और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करना ही सच्चे अर्थों में लोकतंत्र को मजबूत करता है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि सरकार की विभिन्न पहलों का उद्देश्य यह है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक या भौगोलिक कारणों से न्याय से वंचित न रहे। टेली-लॉ जैसी पहलें इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर