(संशोधित) तमिलनाडु चुनाव 2026: नामांकन के पहले दिन ही कई प्रत्याशियों ने भरा पर्चा, उम्मीदवारों के अनोखे अंदाज़ ने खींचा ध्यान

युगवार्ता    30-Mar-2026
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तमिलनाडु के कई जगहों पर उम्मीदवारों ने नवीन शैली में विशिष्ट प्रदर्शन, नामांकन पर्चा दाखिल किया **


नोट: डेटलाइन में संशोधन के बाद इस समाचार को पुनः जारी किया गया है।

चेन्नई, 30 मार्च (हि.स.)। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए नामांकन प्रक्रिया सोमवार से औपचारिक रूप से शुरू हो गई और पहले ही दिन राज्य की राजनीति पूरी तरह गरमा गई। प्रमुख राजनीतिक दलों के दिग्गज नेताओं से लेकर स्वतंत्र उम्मीदवारों तक, सभी ने अपने-अपने तरीके से नामांकन दाखिल कर शक्ति प्रदर्शन किया और चुनावी माहौल को नई ऊर्जा दी।

सबसे ज्यादा ध्यान द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर रहा, जिन्होंने चेन्नई के कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया। उनके साथ राज्य सरकार के मंत्री पी.के. शेखर बाबू भी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि स्टालिन 2011, 2016 और 2021 में लगातार इस सीट से जीत हासिल कर चुके हैं और इस बार चौथी बार मैदान में हैं।

नामांकन के बाद स्टालिन ने आत्मविश्वास से भरे अंदाज़ में कहा कि द्रमुक गठबंधन इस बार 200 से अधिक सीटें जीतकर भारी बहुमत से सरकार बनाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार की योजनाओं और वादों को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। स्टालिन ने इस चुनाव को “दिल्ली बनाम तमिलनाडु की विचारधारा” की लड़ाई बताते हुए इसे राजनीतिक से अधिक वैचारिक संघर्ष करार दिया।

विजय की एंट्री से चुनाव में नई धार

तमिलगा वेत्रि कषगम (टीवीके) के नेता और अभिनेता-राजनेता विजय ने भी पेरंबूर विधानसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल कर चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। उनके साथ पार्टी के महासचिव एन. आनंद और संयुक्त महासचिव सी.डी.आर. निर्मल कुमार मौजूद रहे।

टीवीके के अन्य उम्मीदवारों ने भी विभिन्न सीटों से नामांकन दाखिल किया, जिससे यह साफ संकेत मिला कि पार्टी इस बार चुनाव में मजबूती से अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है।

सीमान का अलग रुख, मुफ्त योजनाओं पर हमला

नाम तमिऴर काची (एनटीके) के मुख्य समन्वयक सीमान ने कराईकुडी विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल किया। एनटीके इस बार सभी 234 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ रही है, जो इसे अन्य दलों से अलग बनाता है।

नामांकन के बाद सीमान ने चुनावी राजनीति में मुफ्त योजनाओं को लेकर तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि “₹2000, ₹2500 या ₹3000 देने के वादे करने से समाज आत्मनिर्भर नहीं बन सकता।” उन्होंने बेरोजगारी भत्ते की बजाय रोजगार सृजन पर जोर देने की बात कही।

सीमान ने यह भी आरोप लगाया कि कोई भी दल सरकारी शराब दुकानों (टीएएसएमएसी) को बंद करने की बात नहीं कर रहा है, जो राज्य के सामाजिक ढांचे के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने राज्य के बढ़ते कर्ज और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि इससे भविष्य पर गंभीर असर पड़ेगा।

कराईकुडी सीट बनी दिलचस्प मुकाबले का केंद्र

कराईकुडी सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। एनटीके से सीमान, अन्नाद्रमुक गठबंधन की ओर से एएमएमके उम्मीदवार थेर्पोगी पांडी और टीवीके से प्रभु मैदान में हैं। वहीं द्रमुक गठबंधन ने यह सीट कांग्रेस को दी है, हालांकि उम्मीदवार की घोषणा अभी बाकी है।

जलीकट्टू बैल के साथ नामांकन: संस्कृति का प्रदर्शन

पुदुकोट्टई में एनटीके उम्मीदवार इंजीनियर एझिलरसी ने नामांकन के दौरान पारंपरिक जलीकट्टू बैल के साथ रैली निकालकर सबका ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने संत कवि तिरुवल्लुवर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अभियान की शुरुआत की और उसके बाद भव्य जुलूस के साथ नामांकन दाखिल किया। इस रैली में जलीकट्टू बैल को आगे रखकर तमिल संस्कृति और परंपरा का प्रदर्शन किया गया, जिसने स्थानीय लोगों और राजनीतिक हलकों में चर्चा बटोरी।

श्मशान से मटका लेकर पहुंचे उम्मीदवार

कोयंबटूर के थोंडामुथुर क्षेत्र में 68 वर्षीय स्वतंत्र उम्मीदवार नूर मोहम्मद ने अपने अनोखे अंदाज़ से सभी को चौंका दिया। वे श्मशान घाट से मिट्टी का मटका लेकर पहुंचे और कार्यालय से कुछ दूरी पहले उसे तोड़कर नामांकन दाखिल करने पहुंचे। नूर मोहम्मद का यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन “वोट के बदले पैसे लेने के दुष्परिणाम” को दर्शाने के लिए था। वे अब तक 48 बार चुनाव लड़ चुके हैं और इस बार 49वीं बार मैदान में हैं। उनका कहना है कि यदि लोग पैसे लेकर वोट देते हैं, तो उनका “अंत” घर पर ही हो जाता है।

गांधीवादी अंदाज़ में उम्मीदवार का संदेश

नमक्कल विधानसभा क्षेत्र में अहिंसा सोशलिस्ट पार्टी के संस्थापक रमेश ने महात्मा गांधी के अंदाज़ में नामांकन दाखिल कर एक अलग ही संदेश दिया। वे केवल धोती पहनकर, हाथ में लाठी लेकर और साइकिल से कार्यालय पहुंचे। नंगे पैर चलते हुए उन्होंने नामांकन प्रक्रिया पूरी की। उनका यह प्रदर्शन सादगी, अहिंसा और पारंपरिक मूल्यों को दर्शाने का प्रयास था। साथ ही उन्होंने सिर पर कैमरा और हाथ में खिलौना बंदूक लेकर अपनी मांगों को अनोखे तरीके से प्रस्तुत किया।

चुनावी माहौल हुआ पूरी तरह गर्म

राजनीति के जानकारों का कहना है कि नामांकन के पहले ही दिन जिस तरह बड़े नेताओं के दावे, वैचारिक हमले और उम्मीदवारों के अनोखे प्रदर्शन सामने आए हैं, उससे साफ है कि तमिलनाडु में इस बार चुनाव बेहद दिलचस्प और प्रतिस्पर्धी होने वाला है। आने वाले दिनों में नामांकन प्रक्रिया के साथ-साथ चुनाव प्रचार भी तेज होगा, जिससे राज्य की राजनीति और अधिक गर्माएगी। सभी दल अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ मैदान में उतर चुके हैं और अब नजर जनता के फैसले पर टिकी है, जो आने वाले समय में राज्य की दिशा तय करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार

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