लिटिल अंडमान प्रो 2026 से भारत के सर्फिंग सीजन की शुरुआत, एशियाई खेलों में डेब्यू पर नजर

युगवार्ता    31-Mar-2026
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सर्फिंग (प्रतीकात्मक चित्र)


लिटिल अंडमान, 31 मार्च (हि.स.)। भारत में सर्फिंग खेल की सर्वोच्च संस्था सर्फिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने आज लिटिल अंडमान प्रो 2026-नेशनल सर्फ एवं एसयूपी (स्टैंड-अप पैडल) चैंपियनशिप की घोषणा की। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 9 से 12 अप्रैल तक ऐसे समय में आयोजित हो रही है, जब भारत इस वर्ष जापान में होने वाले एशियाई खेल 2026 में पहली बार सर्फिंग में हिस्सा लेने जा रहा है।

चार दिवसीय इस सर्फिंग महाकुंभ में देश के शीर्ष सर्फर और स्टैंड-अप पैडल खिलाड़ी अंडमान द्वीप समूह के खूबसूरत बटलर बे बीच पर खिताब के लिए मुकाबला करेंगे। यह पहली बार होगा जब इस अनछुए और प्राकृतिक रूप से समृद्ध तटीय क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मक सर्फिंग आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता में देशभर के शीर्ष खिलाड़ी सीनियर वर्ग में सर्फिंग और एसयूपी दोनों श्रेणियों में भाग लेंगे। प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। टीटी ग्रुप सर्फिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के आधिकारिक प्रायोजक के रूप में जुड़ गया है।

यह आयोजन भारतीय सर्फिंग के लिए एक ऐतिहासिक वर्ष में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। भारत ने 2024 एशियाई सर्फिंग चैंपियनशिप में पहली बार एशियाई खेलों के लिए कोटा हासिल किया था और 2025 में महाबलीपुरम में हुए संस्करण में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल चार कोटा स्थान (पुरुष और महिला वर्ग में दो-दो) अपने नाम किए, जो 2026 एशियाई खेल, आइची-नागोया (जापान) के लिए हैं।

सर्फिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अरुण वासु ने कहा, “यह भारतीय सर्फिंग के लिए एक मील का पत्थर है। एशियाई खेलों में हमारे डेब्यू से पहले लिटिल अंडमान जैसे विश्वस्तरीय स्थान पर राष्ट्रीय सीजन की शुरुआत हमारे इरादों को दर्शाती है कि हम इस खेल को भारत के तटीय क्षेत्रों तक गहराई से ले जाना चाहते हैं। हम अपने खिलाड़ियों को विविध परिस्थितियों में अधिक प्रतिस्पर्धा के अवसर देने पर लगातार काम कर रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी प्रगति के लिए बेहद जरूरी है। सर्फिंग एक समुदाय आधारित खेल है और अंडमान में विस्तार के साथ हम स्थानीय समुदायों के लिए अवसर पैदा करना, युवा प्रतिभाओं को विकसित करना और भारत को वैश्विक सर्फिंग में एक मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित करना चाहते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय सर्फरों की प्रगति बेहद उत्साहजनक रही है। एशियाई खेलों के लिए कोटा हासिल करने से लेकर महाद्वीपीय चैंपियनशिप में पदक जीतने तक, हमें जमीनी स्तर पर विकास और संरचित प्रतियोगिताओं के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।”

लिटिल अंडमान प्रो 2026 का आयोजन बटलर बे में होगा, जिसे भारत के सबसे संभावनाशील सर्फिंग स्थलों में से एक माना जाता है। यहां का रीफ ब्रेक अन्य मुख्यभूमि के बीच ब्रेक से अलग है, जहां लंबी और साफ लहरें मिलती हैं, जो सर्फरों को अधिक तकनीकी मूव्स और लंबे राइड्स का मौका देती हैं, जिससे यह उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा के लिए आदर्श स्थान बनता है।

भारत के कई सर्फर जो आमतौर पर बीच ब्रेक पर अभ्यास करते हैं, उनके लिए रीफ परिस्थितियों में प्रतिस्पर्धा करना अपने कौशल को निखारने और अनुभव बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। इस तरह के आयोजन राष्ट्रीय प्रतिभा को मजबूत करने और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

प्रतियोगिता के अलावा, इस चैंपियनशिप का उद्देश्य अंडमान द्वीप समूह को भारत में सर्फिंग और समुद्री खेलों के एक उभरते केंद्र के रूप में प्रस्तुत करना भी है। साफ पानी, कोरल रीफ और स्थिर लहरों के कारण लिटिल अंडमान अब सर्फिंग और एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में तेजी से पहचान बना रहा है। यह पहल स्थानीय युवाओं को प्रेरित करने के साथ-साथ खेल के माध्यम से सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सर्फरों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय टीम ने एशियाई सर्फिंग चैंपियनशिप में पहली बार टीम सिल्वर मेडल जीता, साथ ही कई सेमीफाइनल और क्वार्टरफाइनल में पहुंचकर अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को साबित किया है।

सर्फिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने 2026 के लिए सर्फ और एसयूपी का विस्तारित वार्षिक प्रतियोगिता कैलेंडर भी जारी किया है, जिसमें पहले से अधिक प्रतियोगिताएं शामिल हैं। राष्ट्रीय सर्किट पूरे साल कई चरणों में आयोजित होगा, जिसकी शुरुआत जनवरी में मुंबई एसयूपी चैंपियनशिप से हुई, इसके बाद अप्रैल से लिटिल अंडमान, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे प्रमुख सर्फिंग केंद्रों में प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, साथ ही मध्य वर्ष और मानसून के बाद भी विभिन्न चरणों का आयोजन किया जाएगा।

इसके अलावा, 2026 में पहली बार नेशनल सर्किट में लॉन्गबोर्डिंग श्रेणी को भी शामिल किया जाएगा, जिससे पारंपरिक सर्फिंग शैली में विशेषज्ञता रखने वाले खिलाड़ियों को नए अवसर मिलेंगे।

लिटिल अंडमान प्रो 2026 का उद्देश्य सर्फिंग की भावना का जश्न मनाने के साथ-साथ जिम्मेदार पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना भी है, जो इस क्षेत्र की मजबूत संरक्षण नीति के अनुरूप है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे

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