जेएनपीटी–वैतरणा खंड पर सफल ट्रायल रन, वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पूरी तरह तैयार

युगवार्ता    31-Mar-2026
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जेएनपीटी–न्यू सफाले (वैतरणा) के बीच ट्रायल रन


नई दिल्ली, 31 मार्च (हि.स.)। देश के माल परिवहन ढांचे को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) ने जेएनपीटी–न्यू सफाले (वैतरणा) के बीच नव-विद्युतीकृत डबल लाइन खंड पर सफल ट्रायल रन पूरा किया। इस परीक्षण के साथ ही वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) का पूरा नेटवर्क परिचालन के लिए तैयार हो गया है।

यह ट्रायल रन डीएफसीसीआईएल के प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार के नेतृत्व और मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस अवसर पर संगठन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें निदेशक (ओपीएंडबीडी) शोभित भटनागर, निदेशक (इन्फ्रास्ट्रक्चर) अनुराग शर्मा, कार्यकारी निदेशक (इन्फ्रा) एम. के. अवस्थी, कार्यकारी निदेशक (प्रोजेक्ट्स) संदेश श्रीवास्तव, जीजीएम (एसएंडटी) विकास श्रीवास्तव, जीजीएम (इलेक्ट्रिकल) रण विजय सिंह, जीएम (सीसी) अमित सौरास्त्री और सीजीएम (मुंबई) एच. जी. तिवारी शामिल थे।

ट्रायल के दौरान कॉरिडोर की दोहरी परिचालन क्षमता का सफल प्रदर्शन किया गया। डाउन दिशा (जेएनपीटी से न्यू सफाले) में सुबह 11:50 बजे एक कंटेनर ट्रेन इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के साथ रवाना हुई, जबकि अप दिशा (न्यू सफाले से जेएनपीटी) में उसी समय डीजल लोकोमोटिव से दूसरी कंटेनर ट्रेन का संचालन किया गया। दोनों दिशाओं में एक साथ संचालन से कॉरिडोर की तकनीकी मजबूती और परिचालन समन्वय का प्रभावी प्रदर्शन हुआ।

इस ट्रायल रन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न तकनीकी और परिचालन मानकों का परीक्षण करना था। इसमें ट्रैक की स्थिरता, भारी भार के तहत लंबी वेल्डेड रेलों का व्यवहार, ओवरहेड विद्युतीकरण प्रणाली की दक्षता, लोकोमोटिव का प्रदर्शन, सिग्नलिंग सिस्टम का समन्वय और रोलिंग स्टॉक की सुरक्षित आवाजाही जैसे पहलुओं का आकलन किया गया। साथ ही मेन लाइन और लूप लाइन के बीच समन्वय की भी जांच की गई, जो निर्बाध माल परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

डीएफसीसीआईएल के अनुसार, इस खंड के चालू होने से अब जेएनपीटी से लेकर पूरे कॉरिडोर में निर्बाध एंड-टू-एंड कनेक्टिविटी स्थापित हो गई है। इससे मालगाड़ियों के संचालन में उल्लेखनीय सुधार होगा। विशेष रूप से, न्यू मकरपुरा से न्यू जेएनपीटी के बीच क्रू की आवश्यकता कम होकर एक-तिहाई रह जाएगी, जिससे परिचालन अधिक कुशल और तेज होगा।

इसके अलावा इस कॉरिडोर के चालू होने से मालगाड़ियों के ट्रांजिट समय में लगभग चार घंटे की कमी आएगी। इससे रोलिंग स्टॉक का टर्नअराउंड तेज होगा, परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग होगा, समयबद्धता में सुधार होगा और अधिक माल ढुलाई की क्षमता विकसित होगी।

अधिकारियों के अनुसार वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर देश में उच्च क्षमता और तेज गति वाले माल परिवहन की नई रीढ़ बनेगा। यह परियोजना न केवल लॉजिस्टिक्स लागत को कम करेगी बल्कि औद्योगिक और आर्थिक विकास को भी नई गति देगी।

डीएफसीसीआईएल ने इस उपलब्धि को भारतीय रेल अवसंरचना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है, जो भविष्य में देश की बढ़ती माल परिवहन जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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