
शिलांग, 06 मार्च (हि.स.)। मेघालय की समृद्ध जैव विविधता में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। शोधकर्ताओं ने राज्य में पहली बार यांग्स फ्रिल-लिम्बेड ट्री फ्रॉग (कुरिक्सालस यांगी) प्रजाति की मौजूदगी दर्ज की है, जिससे क्षेत्र में अब भी कम खोजे गए उभयचर जीवों की विविधता उजागर हुई है।
यह दुर्लभ वृक्ष में रहने वाला मेंढक दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स जिले के मावपत गांव में किए गए एक उभयचर सर्वेक्षण के दौरान पाया गया। सर्वेक्षण असम डॉन बॉस्को यूनिवर्सिटी के होलीनेस वारजरी और मधुरिमा दास ने प्रसिद्ध वन्यजीव शोधकर्ता जय जयदित्य पुरकायस्थ के साथ मिलकर किया, जो हेल्प अर्थ से जुड़े हैं। इस छोटे से मेंढक को 10 अक्टूबर, 2024 को समुद्र तल से लगभग 1,355 मीटर की ऊंचाई पर दर्ज किया गया था।
शोधकर्ताओं ने प्रजाति की पुष्टि विस्तृत आकारिकी अध्ययन और माइटोकॉन्ड्रियल 16एस आरआरएनए जीन के आनुवंशिक विश्लेषण के माध्यम से की। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इसका नमूना आगे के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए असम डॉन बॉस्को विश्वविद्यालय के प्राणी संग्रहालय में संरक्षित किया गया है।
इस प्रजाति का मूल वर्णन चीन के युन्नान क्षेत्र से किया गया था और इससे पहले यह म्यांमार तथा पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और नागालैंड में दर्ज की जा चुकी है। अब इसका नया रिकॉर्ड मेघालय तक इसके वितरण क्षेत्र के विस्तार को दर्शाता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह खोज ऐसे समय में हुई है जब मेघालय में उभयचर प्रजातियां जलवायु परिवर्तन, आवास क्षरण और भोजन के लिए मेंढकों के अत्यधिक शिकार जैसी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि राज्य के संवेदनशील उभयचर आवासों की रक्षा और नई प्रजातियों की खोज के लिए निरंतर सर्वेक्षण और संरक्षण प्रयास बेहद आवश्यक है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश