
नई दिल्ली, 06 मार्च (हि.स.)। देश में महिला सशक्तीकरण और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका को आम जनमानस तक पहुंचाने के लिए 7-8 मार्च को दो दिवसीय राष्ट्रीय महिला विचारक सम्मेलन (महामंथन कार्यक्रम) ‘भारती’ आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता करेंगी और समापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में होगा।
राजधानी के विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह, मुख्य संरक्षक एवं राष्ट्र सेविका समिति की अध्यक्ष वी शांता कुमारी, साध्वी ऋतम्भरा सहित कई लोग शामिल होंगे।
सम्मेलन का विषय 'भारती-नारी से नारायणी' रखा गया है। इसमें देशभर से लगभग 1500 महिला विचारक शामिल होंगी, जिनमें से 200 से अधिक विशेषज्ञ महिलाओं को मुख्य वक्ता और चिंतक के रूप में आमंत्रित किया गया है। महिला सांसदों, विश्वविद्यालयों की महिला कुलपतियों और महिला संतों के लिए अलग-अलग विशेष सत्र रखे गए हैं। साध्वी संगम में देशभर की महिला संत हिस्सा लेंगी। इस सम्मेलन का आयोजन भारतीय विद्वत परिषद, राष्ट्र सेविका समिति और शरण्या संयुक्त रूप से कर रहे हैं।
सम्मेलन में आठ प्रमुख विषयों- विद्या, शक्ति, मुक्ति, चेतना, प्रकृति, संस्कृति, सिद्धि और कृति पर विमर्श किया जाएगा। विद्या थीम के तहत महिलाओं की उच्च शिक्षा, बच्चियों के ड्रॉपआउट की समस्या और आत्मरक्षा को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने पर चर्चा होगी। शक्ति थीम में आत्मनिर्भरता और वित्तीय साक्षरता पर विचार होगा। मुक्ति थीम में घरेलू हिंसा और सामाजिक रूढ़ियों से मुक्ति दिलाने वाले उपायों पर विमर्श होगा।
आयोजकों ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं को परिवार निर्माण की इकाई से आगे बढ़ाकर राष्ट्र निर्माण की धुरी बनाना है। परिचर्चाओं से निकले सुझाव भारत सरकार के संबंधित विभागों को भेजे जाएंगे ताकि उनके क्रियान्वयन के लिए ठोस कदम उठाए जा सके। राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख कार्यवाहिका सीता गायत्री ने कहा कि भारत में महिला-पुरुष को प्रतिस्पर्धी नहीं बल्कि पूरक माना जाता है। अब समय है कि महिलाएं मातृत्व और कर्तृत्व के साथ नेतृत्व की भूमिका निभाएं।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर