
नई दिल्ली, 07 मार्च (हि.स.)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को कहा कि दुनिया भर के विकास में भारतीयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। दुनिया के किसी भी हिस्से में जाएं, भारतीयों की मौजूदगी हमेशा दिखाई देती है।
देश की प्रगति के लिए संवाद और सहमति बेहद जरुरी है। शनिवार को मुख्यमंत्री नायडू रायसीना डायलॉग 2026 सम्मेलन में “टेक्नोलॉजी, सुशासन और भविष्य” विषय पर अपने विचार साझा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भारत ने टेक्नोलॉजी और टेलीकम्युनिकेशन जैसी सुधार उपायो को अपनाकर तेज़ी से विकास किया है।
आईटी और कौशल में भारतीयों के योगदान से सब परिचित है। सिलिकॉन वैली जैसी जगहों पर भारत के एक्सपर्ट काम कर रहे हैं लेकिन अब जल्द ही रिवर्स माइग्रेशन शुरू होगा। उन्होंने कहा कौशल और संसाधन वाले लोग वहीं अवसर अब भारत में ढूंढ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में लगभग 60 प्रतिशत निवेश भारत की ओर आया है। भारत ग्रीन एनर्जी उत्पादन में भी आगे बढ़ रहा है और भविष्य में कई देशों को बिजली निर्यात करेगा।
रायसीना संवाद 2026 में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा, “भारत में सहिष्णुता और संवाद के माध्यम से चर्चा की समृद्ध विरासत है। आज, राज्य सरकारें और केंद्र सरकार दोनों सहकारी संघवाद के माध्यम से मिलकर काम कर रही हैं।”
मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि इस सहयोग ने भारत को मजबूत आर्थिक विकास दर बनाए रखने में मदद की है। उन्होंने कहा, “भारत पहले से ही सात प्रतिशत से अधिक की दर से विकास कर रहा है, और देश के पास दस प्रतिशत से भी अधिक विकास करने का अवसर है।”
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व शैली की भी प्रशंसा करते हुए शासन में सहमति के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा, “हमारे प्रधानमंत्री महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हैं। दीर्घकालिक प्रगति के लिए नीति में स्थिरता और सहमति निर्माण बहुत महत्वपूर्ण हैं।” मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि सतत विकास और वैश्विक शांति सुनिश्चित करने के लिए स्थिर नीतियां और सहयोग आवश्यक हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कई देशों में वृद्ध लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और इस खतरे को भांपते हुए भारत ने पॉपुलेशन मैनेजमेंट पॉलिसी बनाई है। दक्षिणी राज्यों में 1.5 फर्टिलिटी रेट को 2.1 तक बढ़ाने की दिशा में यह नीति काम करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 साल पहले परिवार नियोजन पर जोर दिया गया था, अब जनसंख्या प्रबंधन पर चर्चा हो रही है। वृद्ध जनसंख्या वाले देशों को जनसंख्या प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए। यह गरीब और अमीर की भेदभाव से ऊपर उठकर सभी के लिए आवश्यक है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय विदेश मंत्री जयशंकर समेत 110 देशों से 2,700 से अधिक प्रतिनिधि, विद्वान और रणनीतिकार शामिल हुए।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी