

नई दिल्ली, 07 मार्च (हि.स.)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज नारी शक्ति राष्ट्र निर्माण की एक मजबूत शक्ति बनकर उभर रही है। महिलाओं को सशक्त बनाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री शनिवार को विज्ञान भवन में ‘भारती-नारी से नारायणी’ महिला विचारकों के राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रही थीं। दो दिवसीय इस सम्मेलन का आयोजन राष्ट्र सेविका समिति, भारतीय विद्वत परिषद और शरण्या द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में लखपति बिटिया योजना, सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड, कोलेट्रल-फ्री लोन और नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति जैसे कदमों के माध्यम से नारी शक्ति को सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका वी. शांता कुमारी, राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय तरुणी प्रमुख विजया शर्मा, भारतीय विद्वत परिषद की कार्यदर्शी प्रो. शिवानी वी., शरण्या की अध्यक्ष अंजु आहूजा, शरण्या की सचिव प्रो. चारू कालरा, समाज सेविका डॉ. तेजस्विनी अनंत कुमार सहित अन्य समाजसेविकाएं उपस्थित रहीं।
सम्मेलन में देशभर से लगभग 1500 महिला विचारक भाग ले रही हैं। महिला सांसदों, विश्वविद्यालयों की महिला कुलपतियों और महिला संतों के लिए अलग-अलग विशेष सत्र रखे गए हैं। साध्वी संगम में देशभर की महिला संत हिस्सा लेंगी।
सम्मेलन में आठ प्रमुख विषयों- विद्या, शक्ति, मुक्ति, चेतना, प्रकृति, संस्कृति, सिद्धि और कृति पर विमर्श किया जाएगा। विद्या थीम के तहत महिलाओं की उच्च शिक्षा, बच्चियों के ड्रॉपआउट की समस्या और आत्मरक्षा को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने पर चर्चा होगी। शक्ति थीम में आत्मनिर्भरता और वित्तीय साक्षरता पर विचार होगा। मुक्ति थीम में घरेलू हिंसा और सामाजिक रूढ़ियों से मुक्ति दिलाने वाले उपायों पर विमर्श होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव