
काठमांडू, 07 मार्च (हि.स.)। नेपाल में दो दिन पहले संपन्न संसदीय चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के तरफ से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बालेन शाह ने झापा जिले के निर्वाचन क्षेत्र–५ से पूर्व प्रधानमंत्री एवं नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) के अध्यक्ष के पी शर्मा ओली को करीब पचास हजार वोट से हरा कर शानदार जीत दर्ज की है।
अंतिम मत परिणाम के अनुसार बालेन शाह ने ६८,३४८ मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। जबकि केपी शर्मा ओली को इस निर्वाचन क्षेत्र में मात्र १८ हजार मत मिले। इस प्रकार दोनों उम्मीदवारों के बीच 50 हजार मतों का बड़ा अंतर रहा।
काठमांडू के मेयर पद से इस्तीफा देकर बालेन शाह ने चार बार के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को उनके ही निर्वाचन क्षेत्र में जाकर चुनौती दी। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के तरफ से प्रधानमंत्री का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सीधे झापा के निर्वाचन क्षेत्र नंबर 5 से चुनावी मैदान में उतरे बालेन के द्वारा ओली को उनके ही गढ़ में जाकर चुनौती देना एक बड़ा राजनीतिक जोखिम था।
लेकिन आम नेपाली जनता के मन में पूर्व प्रधानमंत्री ओली से किस कदर नफरत बैठ गई है इसे शायद बालेन ने भांप लिया था। उन्होंने ओली को उनके ही घर में घेरने का फैसला किया। बालेन ने ओली की उनके ही गढ़ में इस कदर घेराबंदी कर दी कि पूरे चुनाव प्रचार के दौरान ओली को अपना क्षेत्र छोड़ कर किसी और क्षेत्र में प्रचार करने या सभा करने का भी मौका नहीं मिला।
पूरे चुनाव प्रचार के दौरान ओली झापा के अपने निर्वाचन क्षेत्र में घर घर घूम कर वोट मांगते नजर आए जबकि इसी दौरान बालेन ने सातों प्रदेश और सभी प्रमुख शहरों में रोड शो किया, आमसभाएं की, दुर्गम क्षेत्र तक में जाकर प्रचार किया। झापा से कंचनपुर तक के भारत से सटे करीब 22 जिलों में बालेन का रोड शो हुआ जिसका परिणाम यह है कि इनमें से 95 प्रतिशत स्थानों पर उनकी पार्टी को जीत मिली है।
मतगणना के परिणामों के अनुसार चुनावों में ना केवल ओली बल्कि नेकपा (एमाले) के दस से अधिक बड़े नेता बुरी तरह पराजित हुए हैं।
पार्टी के कुल 19 पदाधिकारियों में से 11 नेताओं ने प्रत्यक्ष चुनाव लड़ा था। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार ओली के अलावा, उनकी पार्टी के तीन उपाध्यक्ष विष्णु पौडेल, पृथ्वी सुब्बा गुरूंग और गोकर्ण विष्ट, पार्टी के महासचिव शंकर पोखरेल, उपमहासचिव रघुवीर महासेठ ने और लेखराज भट्ट भी अपने अपने निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव हार गए हैं। सचिव स्तर के नेताओं में महेश बस्नेत, शेरधन राई, राजन भट्टराई तथा भानुभक्त ढकाल को भी हार का सामना करना पड़ा है।
ओली ने 1991 से अब तक झापा के इसी निर्वाचन क्षेत्र से 8 से बार चुनाव लड़ा। 2008 में माओवादी लहर में एक बार सिर्फ चुनाव में हारे थे। बाकी हर बार उनकी जीत हुई थी। 2017 और 2022 के आम चुनाव में ओली ने इसी क्षेत्र से 50 हजार के अंतर से चुनाव जीता था।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास