
कोलकाता, 07 मार्च (हि.स.)। दार्जिलिंग लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद राजू बिष्ट ने शनिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव राष्ट्रपति शासन के तहत कराए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही इस संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर उन्हें राज्य की वर्तमान स्थिति से अवगत कराएंगे।
भाजपा सांसद सिलीगुड़ी के पास दार्जिलिंग जिले के गोसाईपुर में आयोजित नौवें अंतरराष्ट्रीय संताल सम्मेलन के दौरान मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस सम्मेलन का आयोजन अंतरराष्ट्रीय संताल परिषद की ओर से किया गया था और इसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थीं।
उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रपति को पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था की स्थिति से अवगत कराते हुए विधानसभा चुनाव राष्ट्रपति शासन के तहत कराने की संभावना पर विचार करने का अनुरोध करेंगे।
राजू बिष्ट ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कोलकाता में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में धरने पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह धरना वास्तविक मतदाताओं के हितों की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि घुसपैठियों के हितों को बचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
इस बीच सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था पर हल्की नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि संताल समुदाय के कई लोग सम्मेलन कक्ष के बाहर घूम रहे थे और ऐसा लग रहा था कि उन्हें अंदर आने से रोका जा रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में संताल समुदाय के सभी लोगों की खुली भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।
अपने संबोधन में उन्होंने संताल समुदाय की वीरता की परंपरा का भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि लगभग 240 वर्ष पहले उनके पूर्वज तिलका मांझी ने अत्याचार के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका था।
राष्ट्रपति ने कहा कि संताल समुदाय के लोग अन्याय को स्वीकार नहीं करते और अत्याचार के खिलाफ डटकर संघर्ष करते हैं। उन्होंने कहा कि संताल बहादुर लोगों का समुदाय है और उन्हें अपने गौरवशाली इतिहास पर गर्व होना चाहिए।----------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर