
तेहरान, 09 मार्च (हि.स.)। अमेरिका-इजराइल के सैन्य अभियान में 28 फरवरी को मारे गए ईरान की इस्लामिक क्रांति के लीडर और सर्वोच्च नेता दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई को उनका उत्तराधिकारी चुन लिया गया। मोजतबा इस्लामिक क्रांति के लीडर और देश के सर्वोच्च नेता होंगे। 88 सदस्यीय एक्सपर्ट्स असेंबली (मजलिस-ए-खोबरेंगान-ए-रहरी) ने मोजतबा का देश के सर्वोच्च नेता के रूप में चुनाव किया। एक्सपर्ट्स असेंबली को ईरान की सबसे ताकतवर धार्मिक विशेषज्ञ सभा भी कहा जाता है।
तेहरान की अर्ध सरकारी न्यूज एजेंसी तसनीम ने आज सुबह यह जानकारी साझा की। एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की एक्सपर्ट्स असेंबली ने अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई को इस्लामिक क्रांति का नया लीडर चुना। असेंबली ने कहा कि मोजतबा के पिता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई ने 1989 में इमाम खुमैनी की मौत के बाद 37 साल तक ईरान का नेतृत्व किया। उनकी शहादत के बाद असेंबली ने मोजतबा खामेनेई को उनका उत्तराधिकारी चुन लिया।
असेंबली ने रविवार देररात जारी बयान में इस घोषणा के साथ 28 फरवरी के हमले में इमाम खामेनेई और अन्य दूसरों की शहादत पर दुख जताया। ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले की निंदा की। बयान में कहा गया है कि इमाम खामेनेई की शहादत के तुरंत बाद और युद्ध के हालात व दुश्मनों की सीधी धमकियों के बावजूद असेंबली ने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी पूरी करने में कोई समय बर्बाद नहीं किया और नए नेता को चुनने की प्रक्रिया शुरू की। असेंबली ने रविवार को बैठक में भारी मतों से मोजतबा खामेनेई को इस्लामिक क्रांति के तीसरे नेता के तौर पर चुना।
ईरान इंटरनेशनल अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सरकारी टीवी ने सोमवार सुबह मोजतबा खामेनेई को पिता का उत्तराधिकारी चुने जाने की जानकारी दी। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद शुरू हुआ युद्ध अब एक नाटकीय मोड़ पर पहुंच गया है। मोजतबा खामेनेई को लंबे समय से इस पद का संभावित दावेदार माना जा रहा था। उल्लेखनीय है कि मोजतबा ने इससे पहले कभी भी किसी सरकारी पद के लिए चुनाव नहीं लड़ा और न ही उन्हें किसी पद पर नियुक्त किया गया।
सरकारी टीवी ने अपने प्रसारण में एक बयान पढ़कर सुनाया जिसमें कहा गया कि मोजतबा को मजबूत समर्थन के आधार पर चुना गया है। देशवासियों से उनके पीछे एकजुट होने की अपील की गई। साथ ही तेहरान के सार्वजनिक स्थानों पर लोगों के जश्न मनाने के दृश्य भी दिखाए गए। लगभग आधी सदी पहले हुई इस्लामी क्रांति के बाद से सर्वोच्च नेता के पद पर सत्ता का यह हस्तांतरण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मोजतबा अब सेना और शक्तिशाली अर्धसैनिक संगठन रिवोल्यूशनरी गार्ड के सर्वोच्च कमांडर भी होंगे।
मोजतबा खामेनेई को अमेरिका के विरोध का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कह चुके हैं कि खामेनेई का बेटा उन्हें स्वीकार्य नहीं है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बयान जारी कर मोजतबा खामेनेई के समर्थन का ऐलान किया है।ईरान समर्थित लेबनानी संगठन हिजबुल्लाह ने टेलीग्राम पर उनकी तस्वीर साझा करते हुए उन्हें इस्लामी क्रांति का नेता बताया।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने मोजतबा खामेनेई को नए सर्वोच्च नेता के तौर पर चुने जाने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस नियुक्ति से देश के लिए ताकत और सम्मान के एक नए युग की शुरुआत हुई है। पेजेशकियन ने कहा कि यह चुनाव देश की एकता को मजबूत करेगा और ईरान को उसके दुश्मनों की साजिशों का सामना करने में मदद करेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद