सिख विरोधी दंगा पीड़ितों के वकील सरदार एच.एस. फूलका भाजपा में शामिल

युगवार्ता    01-Apr-2026
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एचएस फूलका ने थामा भाजपा का हाथ


नई दिल्ली, 01 अप्रैल (हि.स.)। सिख विरोधी दंगा पीड़ितों के वकील सरदार एच. एस. फूलका बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। भाजपा मुख्यालय में उन्होंने समर्थकों के साथ पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ, पंजाब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़, पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा, दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख एवं लोकसभा सांसद अनिल बलूनी एवं भाजपा प्रवक्ता सरदार आर. पी. सिंह उपस्थित थे।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एचएस फूलका का स्वागत करते हुए उन्हें भाजपा की सदस्यता ग्रहण करवाई। मीडिया को संबोधित करते हुए पद्मश्री सरदार एच. एस. फूलका ने पार्टी में शामिल होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं का आभार जताया। उन्होंने साल 1984 की भयावह यादों को भी साझा किय़ा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि 1984 में जो घटनाएं हुईं, वह एक नरसंहार था, योजनाबद्ध तरीके से निर्दोष लोगों की हत्या थी, जिसमें हजारों निर्दोषों की जान गई। सरदार फूलका जी एवं उनकी पत्नी तो सिख नरसंहार में बच गए, लेकिन उनके अपने परिवार सहित कई लोगों ने दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में अपनों को खोया है। सरकार फूलका प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं, वरिष्ठ मानवाधिकार कार्यकर्ता भी हैं और साथ ही उन्होंने बाल अधिकार कार्यकर्ता के रूप में भी बड़े काम किये हैं। उनके भाजपा में शामिल होने से पार्टी को और मजबूती मिलेगी।

इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि फूलका लंबे समय से मानवाधिकार से जुड़े मामलों में पीड़ितों का पक्ष रखते आये हैं। इस दौरान उन्होंने 70 से अधिक मामलों में कुल 250 से अधिक अपराधियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1993 में जब दिल्ली में पहली बार भाजपा की सरकार बनी, तब मुख्यमंत्री स्वर्गीय मदन लाल खुराना ने सरदार फूलका जी को सलाहकार नियुक्त किया था, जिसके बाद सिख हिंसा मामले में न्याय की प्रक्रिया को गति मिली। इसी दौर में दिल्ली में पंजाबी भाषा को मान्यता मिली और पंजाबी समाज से जुड़े कई मुद्दों का समाधान हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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