
लखनऊ , 10 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) की लंबी प्रक्रिया के बाद शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। सूची के अनुसार उत्तर प्रदेश में 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 मतदाता हैं। इसमें 84 लाख 28 हजार 767 मतदाताओं की वृद्धि हुई है। इनमें प्रदेश में पुरुष मतदाता 7 करोड़, 30 लाख, 71 हजार 61 और महिला मतदाता 6 करोड़, नौ लाख, 9525 है। एसआईआर में विभिन्न कारणाें से 8 लाख 15 हजार 996 मतदाताओं के नाम काटे गये हैं। इनमें नाेटिस देने के बावजूद सही जवाब न मिलने के कारण काटे गये 3 लाख 50 हजार 436 मतदाताओं के भी नाम शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने आज लोकभवन स्थित मीडिया सेंटर में प्रेसवार्ता में बताया कि प्रदेश में 166 दिन तक चली विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के बाद प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई। जारी मतदाता सूची के अनुसार उत्तर प्रदेश में 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 मतदाता हैं। इसमें 84 लाख 28 हजार 767 मतदाताओं की वृद्धि हुई है। इनमें प्रदेश में पुरुष मतदाता 7 करोड़, 30 लाख, 71 हजार 61 और महिला मतदाता 6 करोड़, नौ लाख, 9525 है। तृतीय लिंग के मतदाताओं की संख्या 4 हजार 206 है। प्रदेश में 18 से 19 आयुवर्ग के मतदाताओं की कुल संख्या 17 लाख, 63 हजार 360 है। इसमें मतदाताओं में 54.54 प्रतिशत पुरुष जबकि 45.46 प्रतिशत महिला मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम छूट गए हैं वे मतदाता अभी भी फॉर्म 6 भरकर सूची में शामिल हो सकते हैं।
लखनऊ समेत पांच जिलों में मतदाताओं की सर्वाधिक वृद्धि हुई
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आज जारी की गयी अंतिम मतदाता सूची में प्रदेश के पांच जिलों में सबसे अधिक मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। इनमें प्रयागराज टॉप पर है। प्रयागराज में 3 लाख 29 हजार 421 मतदाता, लखनऊ में 2 लाख, 85 हजार 961 मतदाता, बरेली में 2 लाख 57 हजार 920 मतदाता, गाजियाबाद में 2 लाख 43 हजार 666 मतदाता और जौनपुर में 2 लाख 37 हजार 590 मतदाता बढे़ हैं। इसके अलावा प्रदेश के जिन पांच विधानसभा क्षेत्रों में सबसे अधिक मतदाता वृद्धि दर्ज की गयी है। उनमें साहिबााद में 82 हजार,जौनपुर में 56 हजार 158 ,लखनऊ पश्चिम में 54 हजार 822,फिरोजाबाद में 47 हजार 557 मतदाता बढे़ हैं।
उन्होंने बताया कि एसआईआर के तहत 6 जनवरी को 12.55 करोड़ मतदाताओं की मसौदा सूची जारी की गई थी। इसके बाद 6 मार्च तक लोगों से इस ड्राफ्ट मतदाता सूची पर सभी प्रकार के दावे व आपत्तियां आंमत्रित की गयी थी, इनमें 86.69 लाख लोगों ने मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने के लिए फॉर्म-6 भरा। वहीं 3.18 लाख लोगों ने नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 भरा था। मतदाता सूची में 1.04 करोड़ लोग ऐसे हैं जिनके नाम का मिलान माता-पिता, बाबा-दादी व नाना-नानी से न होने के कारण इन्हें नोटिस दिया गया था। वहीं 2.22 करोड़ लोग तार्किक विसंगति वाले थे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया ने बताया कि एसआईआर में भाजपा,समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, बसपा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश व जिला स्तर पर बैठकें हुई हैं और उनमें आयी शिकायतें व ज्ञापनों की सुनवाई कर उनका त्वरित निराकरण किया गया, इतना ही नहीं इन दलों ने अपने अपने कार्यकर्ताओं को बूथ लेवल एजेंट के रूप में नियुक्त किया था, इन्होंने बूथ स्तर पर एसआईआर से जुड़े कार्यों को लेकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित की। ---------------
हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह