


रांची, 11 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर शनिवार को रांची के प्रतिष्ठित फिरायलाल बैंक्वेट हॉल में एक प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस मौके पर रामलाल ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना, विकास यात्रा, मूल उद्देश्यों एवं कार्यपद्धति पर प्रकाश डालते हुए समाज के सामने संघ का वास्तविक स्वरूप प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि संघ के संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार एक जन्मजात स्वयंसेवक थे। उनके जीवन की अनेक घटनाएं इस तथ्य को स्पष्ट करती हैं। उन्होंने वंदे मातरम गान किया था, जिसके कारण अंग्रेजी शासन ने उन्हें स्कूल से निष्कासित कर दिया था। डॉ हेडगेवार का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रभाव, संगठन एवं समाज-निर्माण के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का प्रतीक है।
संघ की स्थापना के समय से ही डॉ हेडगेवार की दृष्टि हिंदू समाज को संगठित करने, भेदभाव रहित समाज का निर्माण करने पर केंद्रित रही। उन्होंने ने स्पष्ट किया कि संघ का मूल ध्येय सज्जन शक्ति से युक्त, संगठित, आत्मनिर्भर एवं राष्ट्रहित में समर्पित समाज का निर्माण करना है।
उन्होंने ने कहा कि समाज में आरएसएस के विषय में अनेक गलत धारणाएं प्रचलित हैं। ऐसी प्रमुख जन गोष्ठियां उन सभी संदेहों, भ्रांतियों को स्पष्ट करने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि संघ का कार्य व्यवहार और प्रवृत्ति से जाना जाता है, न कि प्रचार से।
देश विभाजन (1947) के कालखंड का विशेष उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उस विकट समय में द्वितीय सरसंघचालक गुरुजी (माधव सदाशिव गोलवलकर) ने स्वयंसेवकों को निर्देश दिया था। हर हिंदू जब तक विभाजन से दूसरे भाग (पाकिस्तान) में न पहुंचे, तब तक तुम सभी यहीं रहना। आखिरी हिंदू के निकलने के बाद ही तुम जाओ।
रामलाल ने बताया कि संघ का संपर्क समाज के विभिन्न वर्गों, विचारधाराओं एवं राजनीतिक पृष्ठभूमि के लोगों से निरंतर बना रहता है। संघ स्वयंसेवक शिक्षा, सेवा, ग्राम विकास, आपदा राहत, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय जीवन के सभी क्षेत्रों में सक्रिय हैं। जहां सरकारी विद्यालय नहीं हैं, वहां हजारों एकल विद्यालय संघ स्वयंसेवक चला रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “संघ व्यक्ति निर्माण का केंद्र है।”
शताब्दी वर्ष के विशेष संदर्भ में रामलाल ने कहा कि संघ पंच परिवर्तन का विषय लेकर घर-घर संपर्क, नागरिक गोष्ठियों और समाज संवाद के माध्यम से व्यापक जनजागरण का कार्य कर रहा है।
सज्जन, प्रभावी और राष्ट्रहित में सोचने वाली सामाजिक शक्ति को साथ लेकर भारत को अधिक संगठित, सक्षम और विश्वकल्याण के भाव से युक्त बनाने का संघ का व्यापक उद्देश्य है।
कार्यक्रम डॉ राम जी यादव, डॉ शुभ्रा, संजय सेठ, पराशक्ति पल्लव, प्रांत संपर्क प्रमुख राजीव कमल बिट्टू, प्रांत प्रचारक गोपाल शर्मा, प्रांत सह संघचालक अशोक श्रीवास्तव एवं सह प्रांत प्रचारक राजीव कांत सहित अन्य उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे