बीएचयू दक्षिणी परिसर में राष्ट्रीय स्तर के कार्यशाला में 'सॉफ्टबॉल' की नवीनतम नियमों पर प्रशिक्षण

युगवार्ता    11-Apr-2026
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'सॉफ्टबॉल' के प्रशिक्षण शिविर मे शामिल प्रशिक्षक,रेफरी,खिलाड़ी,विशेषज्ञ


-तीन दिवसीय कार्यशाला में ऑफिशिएटिंग एवं कोचिंग तकनीक की प्रशिक्षकों एवं रेफरी को दी जा रही जानकारी

वाराणसी, 11 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के राजीव गांधी दक्षिण परिसर (आर.जी.एस.सी.), बरकछा में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला में दूसरे दिन शनिवार को 'सॉफ्टबॉल' खेल के ऑफिशिएटिंग एवं कोचिंग तकनीक की प्रशिक्षकों एवं रेफरी को जानकारी दी गई। “सॉफ्टबॉल में उन्नत नियम व्याख्या, ऑफिशिएटिंग एवं कोचिंग तकनीक” विषयक कार्यशाला में भारत में सॉफ्टबॉल के बढ़ते महत्व तथा वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं मानकीकृत ऑफिशिएटिंग के महत्व को बताया गया।

दक्षिणी परिसर के आचार्य प्रभारी प्रो. बी.एम.एन.कुमार के अनुसार कार्यशाला का उद्देश्य खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं रेफरी की तकनीकी एवं व्यावहारिक दक्षताओं का विकास करना है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला का आयोजन स्पोर्ट्स बोर्ड, आर.जी.एस.सी., बी.एच.यू ने किया है। कार्यशाला के पहले दिन उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि प्रो. ए. के. नेमा (महासचिव, स्पोर्ट्सबोर्ड, बी.एच.यू.) ने खेलों में अनुशासन, नियमों की समझ एवं प्रशिक्षित अधिकारियों की आवश्यकता पर बल दिया। उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथियों के रूप में आईसीएमआर, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली के पंकज सिंह तथा सेंट जोसेफ कॉलेज, बेंगलुरु के खेल निदेशक जितेंद्र मेवारा ने खेलों में वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पेशेवर दृष्टिकोण पर खासा जोर दिया। आचार्य प्रभारी ने बताया कि कार्यशाला में दो दिन ऑफिशिएटिंग मैकेनिक्स, कोचिंग तकनीक, शारीरिक फिटनेस, प्रतियोगिता प्रबंधन, स्कोरिंग प्रणाली एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विस्तृत सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस प्रकार की कार्यशालाएं खेल संस्कृति को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उल्लेखनीय है कि सॉफ्टबॉल, विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका में एक लोकप्रिय खेल है। आमतौर पर यह माना जाता है कि सॉफ्टबॉल का विकास इंडोर बेसबॉल नामक खेल से हुआ है, जो पहली बार खेला गया था। शिकागो में 1887 में इसका जन्म हुआ। सॉफ्टबॉल का मूल बेसबॉल के समान ही है। बल्लेबाजी और फील्डिंग की रणनीति भी समान है लेकिन सॉफ्टबॉल बहुत छोटे मैदान पर खेला जाता है और एक मैच केवल सात पारियों का होता है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी

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