बंगाल में घुसपैठ, भ्रष्टाचार और भय का माहौल गंभीर चिंता का विषय: नरेन्द्र मोदी

युगवार्ता    14-Apr-2026
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को पश्चिम बंगाल के भाजपा बूथ कार्यकर्ताओं के साथ नमो ऐप के माध्यम से संवाद करते हु


नई दिल्ली, 14 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के भाजपा बूथ कार्यकर्ताओं के साथ नमो ऐप के माध्यम से संवाद करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, घुसपैठ और राजनीतिक हिंसा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के शासन में बंगाल में भय का वातावरण बन गया है, जहां आम नागरिक, महिलाएं और युवा खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत बंगाल के लोगों को ‘पोइला बैसाख’ और ‘शुभो नबो बोरसो’ की शुभकामनाएं देकर की। उन्होंने कहा कि हाल के दौरों के दौरान उन्हें राज्य के हर हिस्से में भाजपा के प्रति लोगों का उत्साह और समर्थन देखने को मिला, जो बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि “मेरा बूथ सबसे मजबूत” का मंत्र जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।

मोदी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अपराध अपने चरम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में हत्या, बलात्कार, दंगे और राजनीतिक हिंसा लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल का सबसे अधिक असर महिलाओं और युवाओं पर पड़ता है, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के सरकारी कर्मचारियों को अपने बकाए के लिए अदालतों का सहारा लेना पड़ रहा है, जबकि किसान और व्यापारी भी टीएमसी के कथित सिंडिकेट राज से परेशान हैं।

प्रधानमंत्री ने टीएमसी सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि लोगों ने इस पार्टी को वामपंथी शासन से मुक्ति पाने के लिए चुना था, लेकिन टीएमसी ने कथित रूप से उससे भी आगे बढ़कर अत्याचार किए हैं। उन्होंने कहा कि “कट-मनी” की संस्कृति ने भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप दे दिया है और राज्य में हर स्तर पर लूट का माहौल बना दिया है।

घुसपैठ के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समस्या अब केवल सुरक्षा का नहीं, बल्कि जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) का भी विषय बन गई है। उन्होंने दावा किया कि कई क्षेत्रों में जनसंख्या संरचना में बदलाव देखा जा रहा है, जिससे स्थानीय संस्कृति और भाषा पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को घुसपैठ के कारण नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा, “टीएमसी वाले घुसपैठियों के बीच जाकर कहते हैं कि तुम्हें कुछ नहीं होगा, हम तुम्हारी रक्षा करेंगे, बस तुम हमारी सरकार बना दो। ये लोग मतुआ समाज और नामशूद्र समाज के शरणार्थी लोगों को डराते हैं कि तुम्हारा घर जाएगा, तुम्हें निकाल देंगे, तुम्हें वापिस जाना पड़ेगा। मतलब जिनको जाना है, उनको रहने का आश्वासन देते हैं और जिनको संविधान ने सीएए के कानून के तहत रहने की गारंटी दी है, उनको डराते हैं। ये बात हमें हर जगह पर जाकर बतानी है कि मतुआ और नामशूद्र समाज के किसी भी व्यक्ति को भारत से नहीं निकाला जाएगा। ये मोदी की गारंटी है।”

प्रधानमंत्री ने आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज और संदेशखाली की घटना का जिक्र करते हुए बूथ कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने बूथ क्षेत्रों में हुए अपराधों की सूची तैयार करें और जनता को इसके पीछे के कारणों से अवगत कराएं। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के नेताओं के संरक्षण में असामाजिक तत्व सक्रिय हैं और पुलिस व्यवस्था भी प्रभावित है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को सच्चाई से अवगत कराएं।

महिलाओं के साथ विशेष संवाद पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि छोटी-छोटी बैठकों के माध्यम से उन्हें जागरूक किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि पूर्व में हुई घटनाओं से संबंधित वीडियो दिखाकर लोगों को याद दिलाया जाए कि सत्ता में आने के बाद किस तरह का व्यवहार देखने को मिला था।

प्रधानमंत्री ने भाजपा के घोषणापत्र को “व्यावहारिक और जनहितकारी” बताते हुए कार्यकर्ताओं से इसे गहराई से समझने और आम जनता तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इसमें युवाओं, महिलाओं और राज्य के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे इन योजनाओं को सरल भाषा में समझाकर लोगों तक पहुंचाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि देश के जिन राज्यों में भाजपा या एनडीए की सरकार है, वहां विकास योजनाएं तेजी से लागू हो रही हैं और लोगों को बिना किसी भेदभाव के लाभ मिल रहा है। इसके विपरीत, उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू नहीं होने दिया जा रहा है, जिससे गरीबों, किसानों और युवाओं को नुकसान हो रहा है।

व्यापार और रोजगार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय था जब बंगाल देश का प्रमुख व्यापारिक केंद्र हुआ करता था, लेकिन अब भय और अस्थिरता के कारण निवेश और व्यापार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दंगों और हिंसा के कारण सबसे ज्यादा नुकसान गरीब और मजदूर वर्ग को उठाना पड़ता है।

प्रधानमंत्री ने बूथ कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पहली बार मतदान करने वाले युवाओं और महिलाओं के साथ अलग-अलग बैठकें आयोजित करें और उन्हें भाजपा की नीतियों और दृष्टिकोण के बारे में बताएं। उन्होंने कहा कि मजबूत बूथ संगठन ही चुनावी सफलता की कुंजी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार करने वालों को कानून के दायरे में लाया जाएगा और “सबका साथ, सबका विकास” के साथ-साथ “सब लुटेरों का हिसाब” भी सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे पूरी ऊर्जा के साथ बूथ स्तर पर काम करें और जनता के बीच विश्वास का माहौल बनाएं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार

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