एलपीजी, पीएनजी की सौ फीसदी आपूर्ति सुनिश्चित की गयी : सुजाता शर्मा

युगवार्ता    15-Apr-2026
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अंतर-मंत्रालयी प्रेसवार्ता को संबोधित करते पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा


अंतर-मंत्रालयी प्रेसवार्ता को संबोधित करते पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा


नई दिल्ली, 15 अप्रैल (हि.स)। पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण उत्पन्न ऊर्जा व्यवधानों के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए उन्हें पाइप से आपूर्ति की जाने वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) और द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की 100 फीसदी आपूर्ति सुनिश्चित की गई। उन्होंने कहा कि देश में पेट्रोल पंपों के पास ईंधन के पर्याप्त स्टॉक मौजूद हैं।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव (विपणन एवं तेल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने अंतर मंत्रालयी पत्रकार वार्ता में कहा कि ऊर्जा परिदृश्य को स्थिर करने और आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने के लिए कई प्रभावी उपाय लागू किए हैं। पश्चिम एशिया संकट ने भारत की ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया, लेकिन भारत सरकार ने समय पर उठाए गए कदमों के माध्यम से घरेलू आपूर्ति को बिना किसी रुकावट के जारी रखना सुनिश्चित किया। उन्होंने कहा कि घरेलू पीएनजी और एलपीजी उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी गई है और 100 फीसदी की आपूर्ति निरंतरता बनाए रखी गई।

शर्मा ने कहा कि परिवहन के लिए सीएनजी आपूर्ति भी जारी रखी गई। घरेलू रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया है। बुकिंग अंतराल को शहरी इलाकों में 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन कर दिया गया है। व्यावसायिक एलपीजी आपूर्ति 70 फीसदी तक बहाल कर दी गई है, जिसमें अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और फार्मा, स्टील, ऑटोमोबाइल, बीज और कृषि जैसे प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।

इसके साथ ही 5 किलोग्राम वाले सिलेंडरों की उपलब्धता दोगुनी की गई और मिट्टी का तेल एवं कोयला जैसे वैकल्पिक ईंधन भी उपलब्ध कराए गए। एलपीजी की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है और किसी भी वितरक के पास कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। ऑनलाइन बुकिंग 98 फीसदी पर मजबूत बनी हुई है और 93 फीसदी डिलीवरी प्रमाणीकरण-आधारित प्रणालियों के माध्यम से पूरी की जा रही हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि कल प्रधानमंत्री को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय सहयोग के तहत हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष सहयोग के सभी क्षेत्रों में एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया।

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी किसी भी घटना की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। डीजी शिपिंग के कंट्रोल रूम ने अब तक 6,449 कॉल और 13,343 से ज्यादा ईमेल संभाले हैं, जिनमें पिछले 24 घंटों के दौरान आए 157 कॉल और 215 ईमेल भी शामिल हैं। मंत्रालय ने डीजी शिपिंग के माध्यम से 2,337 भारतीय नाविकों की सुरक्षित वतन वापसी में मदद की है, जिनमें पिछले 24 घंटों में लौटे 75 नाविक भी शामिल हैं।

इसके अलावा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव और विकास आयुक्त डॉ. रजनीश ने कहा कि फरवरी-मार्च में उद्यम पोर्टल पर 20 लाख से ज़्यादा नए एमएसएमई रजिस्टर हुए, जिससे कुल रजिस्टर्ड यूनिट्स की संख्या 8 करोड़ से ज़्यादा हो गई। क्रेडिट सपोर्ट मज़बूत बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि एमएसएमई को दिया गया बकाया लोन 36.7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है और तिमाही क्रेडिट ग्रोथ 23.5 फीसदी रही। माइक्रो और छोटे उद्यमों के लिए बिना किसी गारंटी के लोन देने की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। यह नियम एक अप्रैल 2026 से लागू होगा।

डॉ. रजनीश ने कहा कि क्रेडिट गारंटी सपोर्ट भी मजबूत बना रहा। फरवरी-मार्च में 92,000 करोड़ रुपये की 5.27 लाख से ज्यादा गारंटी दी गईं। लिक्विडिटी सपोर्ट के मामले में टी-रीडीएस प्लेटफॉर्म पर इनवॉइस डिस्काउंटिंग में काफ़ी बढ़ोतरी देखी गई है। यह 2022 में 4,300 करोड़ रुपये से बढ़कर अब 7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है, जिसमें अकेले फरवरी-मार्च में 85,000 करोड़ रुपये शामिल हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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