नेपाल में २००५ से २०२५ के बीच सार्वजनिक पद पर रहे सभी नेता और अधिकारियों की संपत्ति जांच का आदेश

युगवार्ता    15-Apr-2026
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नेपाल की कैबिनेट बैठक


काठमांडू, 15 अप्रैल (हि.स.)। नेपाल सरकार ने वर्ष 2005 से 2015 के बीच सार्वजनिक पद पर रहे प्रमुख राजनीतिक पदाधिकारियों और उच्च अधिकारियों की संपत्ति का विवरण जुटाने और जांच करने के लिए एक आयोग गठन किया है।

बुधवार को प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक ने पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश राजेंद्र भंडारी के नेतृत्व में चार सदस्यीय आयोग बनाने का निर्णय लिया।

आयोग में पूर्व न्यायाधीश चंडी राज ढकाल, पुरुषोत्तम प्रजापति, पूर्व पुलिस उप महानिरीक्षक गणेश के सी और चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रकाश लम्साल शामिल हैं।

प्रधानमंत्री बलेन्द्र शाह के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद 27 मार्च को 15 दिनों के भीतर इस तरह का आयोग गठित करने का निर्णय लिया गया था। यह प्रावधान सरकार के 100 बिंदुओं वाले शासन सुधार एजेंडा के बिंदु संख्या 43 में शामिल था।

इस एजेंडा में भ्रष्टाचार, अवैध संपत्ति अर्जन और दंडहीनता (इम्प्यूनिटी) को समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय के तहत एक सशक्त संपत्ति जांच आयोग बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

आयोग को कानूनी, साक्ष्य-आधारित और निष्पक्ष तरीके से जांच करने का अधिकार दिया गया है। सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि आयोग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट और सिफारिशों को संबंधित निकायों के माध्यम से लागू किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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