धर्मांतरण पर प्रभावी रोक के लिए राष्ट्रव्यापी कानून जरूरी : विहिप

युगवार्ता    15-Apr-2026
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विश्व हिंदू परिषद (विहिप) (फाइल फोटो)।


नई दिल्ली, 15 अप्रैल (हि.स.)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने पढ़े-लिखे मुस्लिम युवक-युवतियों के माध्यम से टीसीएस जैसी अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियों तक फैले धर्मांतरण एवं लव जिहाद की लगातार आती खबरों पर चिंता व्यक्त करते हुए बुधवार को अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी रोक के लिए एक राष्ट्रव्यापी कठोर कानून की मांग की।

विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने बुधवार को एक बयान में कहा कि टीसीएस नासिक में षड्यंत्र के उजागर होने के बाद पूरी दुनिया अचंभित है। उच्च पद पर एक मुसलमान के बैठते ही किस प्रकार वह अधिक संख्या में अपने मुस्लिम सहयोगियों को भर्ती कर लेता है और उसके बाद बीसियों हिंदू लड़के-लड़कियों को अपने षड्यंत्र का शिकार बनाता है। यह अत्यंत गंभीर एवं आश्चर्यजनक है। उनको मुस्लिम तौर-तरीका सिखाना, नमाज पढ़ने के लिए मजबूर करना, गौ मांस खिलाना और जबरन धर्मांतरण करना घोर आपत्तिजनक है।

उन्होंने कहा कि विहिप बधाई देता है उन सात महिला पुलिसकर्मियों को जिन्होंने टीसीएस में ज्वाइन करके इस षड्यंत्र का पता लगाया और अधिक युवाओं को इस षड्यंत्र का शिकार होने से रोका। डॉ जैन ने कहा कि यह षड्यंत्र टीसीएस तक सीमित नहीं है अपितु, टेक महिंद्रा गोरेगांव और अन्य बहुराष्ट्रीय कंपनियों में भी जिहादी षड्यंत्र का एक व्यापक जाल फैला हुआ है।

उन्होंने कहा कि अभी तक जिम जिहाद, थूक जिहाद, सैलून जिहाद कोरियोग्राफर जिहाद आदि ही सामने आते थे और लगता था कम पढ़े-लिखे लोग ही इस षड्यंत्र में शामिल हैं, लेकिन अलफलाह, केजीएमयू विश्वविद्यालय और उसके बाद इन बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अंदर काम करने वाले लोगों की इस धर्मांतरण के षड्यंत्र में संलिप्तता बताती है कि जिहादी षड्यंत्र केवल कम पढ़े-लिखे लोगों के दिमाग की ही विकृति नहीं है अपितु, ज्यादा पढ़े-लिखे लोगों के दिमाग में भी जिहादी कीड़ा उतना ही काम करता है और वे भी सभ्यता के सभी दायरे को तोड़कर जबरन धर्मांतरण करते हैं।

डॉ जैन ने कहा कि व्यापारिक जगत का एक और षड्यंत्र सामने आया। मलेशिया स्थित एक कंपनी के मालिक संपूर्ण विश्व के व्यापारिक जगत में इस्लामी आधिपत्य स्थापित करना चाहते हैं। आज संपूर्ण विश्व इसे परेशान है और इससे मुक्ति का उपाय चाहता है। पत्रकार जगत में भी इस प्रकार के षड्यंत्र सामने आ रहे हैं।

विहिप ने चेतावनी दी है कि अगर कोई इन विषयों को रोक लगाना चाहता है और जिहादियों से कोई संबंध नहीं रखना चाहता तो अब उसे इस्लामिक फोबिया से त्रस्त नहीं कहा जा सकता। संपूर्ण विश्व का सभ्य समाज इस जिहादी षड्यंत्र से बचने के लिए छटपटा रहा है और इसके लिए उपाय भी कर रहा है। देश में भी जिन राज्यों में सख्त कानून बने हैं और प्रभावी रूप से लागू हो रहे हैं, वहां इन षड्यंत्रों पर रोक लगी है।

उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद की मांग है कि देश के सभी राज्यों में अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए सख्त कानून बने। सभी राजनीतिक दल अपने राजनीतिक दायरे से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हितों की चिंता करें।

विहिप ने कहा कि टीसीएस षड्यंत्र की जांच एनआईए कर रही है। इससे स्पष्ट है कि अब यह एक राज्य का विषय नहीं है अपितु, एक राष्ट्रव्यापी षड्यंत्र बन चुका है। इसको रोकने के लिए केंद्र सरकार को भी आगे आकर सख्त कदम बढ़ाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अवैध धर्मांतरण विरोधी राष्ट्रव्यापी कानून बनाना चाहिए और राष्ट्रीय सुरक्षा तथा देश के समक्ष उपस्थिति इस चुनौती का प्रभावी मुकाबला करना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी

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