राष्ट्रीय विधायी सूचकांक में दिल्ली विधानसभा की पहल को मिला सिक्किम का समर्थन

युगवार्ता    17-Apr-2026
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सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (गोले) (फाइल फोटो)


नई दिल्ली, 17 अप्रैल (हि.स.)। सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (गोले) ने प्रस्तावित राष्ट्रीय विधायी सूचकांक (एनएलआई) के प्रति अपना समर्थन दिया है। यह पहल देश की सभी विधानसभाओं के कामकाज को एक समान तरीके से परखने और उसे बेहतर बनाने के लिए है। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को लिखे पत्र में उन्होंने इस पहल को दूरदर्शी और उपयोगी बताया। साथ ही, उन्होंने विधायी संस्थाओं को मजबूत बनाने की दिशा में इस महत्वपूर्ण कदम के लिए दिल्ली विधानसभा को बधाई दी।

दिल्ली विधान सभा सचिवालय की ओर से शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति के मुताबिक राष्ट्रीय विधायी सूचकांक (एनएलआई) एक संरचित एवं तुलनात्मक ढांचा है, जिसके माध्यम से विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं के कार्य-प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। इसमें बैठकें, कार्य घंटे, बहस की उत्पादकता तथा समितियों की प्रभावशीलता जैसे मानकों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य पारदर्शिता, आत्म-मूल्यांकन, सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने तथा विधानसभाओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है।

तमांग ने कहा कि उत्पादकता, पारदर्शिता और नवीनताओं जैसे मानकों पर विधानसभाओं का आकलन करना समय की मांग है। उन्होंने जोर दिया कि भविष्य के अनुरूप और अधिक उत्तरदायी बनने के लिए विधायी संस्थाओं को डेटा-आधारित दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।

सिक्किम की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य राष्ट्रीय विधायी सूचकांक के विकास में सक्रिय भागीदारी के लिए उत्सुक है और इसके ढांचे में योगदान देना चाहता है। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य विधानसभाओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और जन-उत्तरदायित्व को बढ़ावा देगी।

तमांग ने यह भी कहा कि प्रस्तावित सूचकांक देशभर की विधानसभाओं की कार्यप्रणाली में मौजूद कमियों की पहचान कर उन्हें सुधारने में एक प्रभावी माध्यम बनेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि इस पहल से सामने आने वाली सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के लिए सिक्किम पूरी तरह तैयार है, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

इस पहल को आगे बढ़ाने में विजेंद्र गुप्ता के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने इसके सफल क्रियान्वयन के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं और विश्वास व्यक्त किया कि यह भारत में विधायी शासन की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव

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