
कोलकाता, 18 अप्रैल (हि. स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से पहले निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने सभी मतदान केंद्रों के चारों ओर 100 मीटर की परिधि सीमा निर्धारित करने का निर्णय लिया है, जहां केवल मतदाताओं को ही प्रवेश की अनुमति होगी।
निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाना है। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को राज्य की 152 विधानसभा सीटों पर होगा, जबकि दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को शेष 142 सीटों पर कराया जाएगा। मतगणना चार मई को होगी।
आयोग के निर्देशानुसार इस बार मतदान केंद्रों के चारों ओर 100 मीटर का स्पष्ट सुरक्षा घेरा बनाया जाएगा। इस घेरे के भीतर केवल मतदाता ही प्रवेश कर सकेंगे। बूथ स्तर अधिकारी और अन्य चुनावकर्मी इस सीमा रेखा के बाहर तैनात रहेंगे और वहीं अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। अधिकारी ने बताया कि बूथ स्तर अधिकारी मतदाताओं के पहचान पत्रों की प्राथमिक जांच बाहर ही करेंगे, ताकि मतदान केंद्र के भीतर अनावश्यक भीड़ न हो और मतदान प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके।
निर्वाचन आयोग ने इस बार फर्जी मतदान और प्रतिरूपण रोकने के लिए अतिरिक्त जांच व्यवस्था भी लागू की है। 100 मीटर की सीमा के भीतर प्रवेश करने के बाद मतदाताओं को निर्धारित जांच टेबलों पर फिर से दस्तावेज सत्यापन से गुजरना होगा। इसके बाद ही उन्हें मतदान करने की अनुमति दी जाएगी। आयोग का मानना है कि बहु-स्तरीय सत्यापन प्रणाली से किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर मतदान करने जैसी घटनाओं पर रोक लगेगी और वास्तविक मतदाता ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर निगरानी तंत्र को भी मजबूत किया है। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष नजर रखी जाएगी और मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, मतदान केंद्रों पर पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी तरह की शिकायत का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए विशेष नियंत्रण व्यवस्था भी सक्रिय रहेगी।
आयोग ने मतदाता पहचान और मतदान प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मतदाता पर्चियों के वितरण को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसका उद्देश्य मतदाताओं को बिना परेशानी मतदान केंद्र तक पहुंचाना और समयबद्ध मतदान सुनिश्चित करना है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव इस बार बेहद अहम माना जा रहा है। राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में मतदान कराया जा रहा है। पहले चरण के मतदान से पहले आयोग की ओर से की गई यह नई व्यवस्था चुनावी माहौल में काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।----------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर