गुजरात के उधना रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ से हालात हुए बेकाबू, पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग

युगवार्ता    19-Apr-2026
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उधना रेलवे स्टेशन पर भगदड़ जैसे हालात


लंबी कतारों से परेशान यात्रियों ने कूदी बाउंड्री


सूरत, 19 अप्रैल (हि.स.)। गर्मी की छुट्टियां, शादी का सीजन और फैक्टरियों में छुट्टियां घोषित होते ही गुजरात के सूरत में रहने वाले प्रवासी मजदूर अपने-अपने घर लौटने के लिए बड़ी संख्या में रेलवे स्टेशनों पर उमड़ पड़े हैं। इसी के चलते उधना रेलवे स्टेशन पर हालात बेकाबू हो गए। इसके

चलते स्टेशन पर भगदड़ जैसे दृश्य देखने को मिले। इससे निपटने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।

यात्रियों की भारी भीड़ और ट्रेनों की कमी के कारण स्टेशन परिसर में हालात बेकाबू हो गए और अफरा तफरी मच गयी। यात्री रेलवे स्टेशन के बाहर 12 से 24 घंटे तक लंबी कतारों में भूखे-प्यासे खड़े हुए हैं। धैर्य टूटने पर कई लोगों ने स्टेशन की बाउंड्री कूदकर अंदर घुसने की कोशिश की, जिससे हालात बेकाबू हो गए। इस स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार स्टेशन पर पीने के पानी की भी भारी किल्लत देखी गई। जब प्रशासन ने पानी की व्यवस्था की गई, तो प्यासे लोग एक-दूसरे से पानी की बोतल भी छीनते नजर आए। इससे रेलवे स्टेशन के हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि

स्टेशन पर यात्रियों की कतार 3 से 5 किलोमीटर तक लंबी हो गई थी। बताया जा रहा है कि यह भीड़ केवल गर्मी की छुट्टियों की वजह से नहीं, बल्कि पिछले कुछ समय से एलपीजी सिलेंडर संकट के कारण भी मजदूरों का पलायन बढ़ा है। इससे यात्रियों की संख्या दोगुनी हो गई है और रेलवे की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं।

सूत्रों का कहना है कि भीषण गर्मी और भीड़ के कारण लाइन में खड़े दो यात्री बेहोश भी हो गए। करीब 7000 से ज्यादा यात्रियों के सामने केवल 2 ट्रेनों की उपलब्धता से हालात और बिगड़ गए। इस दौरान एक भावुक दृश्य भी सामने आया, जहां एक युवक अपनी पत्नी की अस्थियां लेकर घंटों ट्रेन में चढ़ने के लिए संघर्ष करता रहा। यात्रियों का आरोप है कि हर साल इस तरह की भीड़ के बावजूद रेलवे प्रशासन पहले से कोई ठोस योजना नहीं बनाता, जिसके कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

रेलवे अधिकारी अनुभव सक्सेना के अनुसार गर्मी के मौसम को देखते हुए स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। अब तक 6 ट्रेनों का संचालन किया जा चुका है, जिनमें उधना से जयनगर और मधुबनी के लिए ट्रेनें शामिल हैं। यात्रियों की संख्या पर लगातार नजर रखी जा रही है।

रेलवे डिप्टी एसपी दीपक गवाड़े ने बताया कि घोषित ट्रेनों के मुकाबले यात्रियों की संख्या बहुत अधिक है। प्रशासन यात्रियों से अपील कर रहा है कि अनावश्यक रूप से छोटे बच्चों और महिलाओं को भीषण गर्मी में स्टेशन पर न रोकें।

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हिन्दुस्थान समाचार / यजुवेंद्र दुबे

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