अंकारा/वेटिकन सिटी, 19 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच युद्धविराम (सीजफायर) को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति की अपील तेज होती जा रही है। तुर्किये के विदेश मंत्री हकन फिदान ने ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्षविराम को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
तुर्किये में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान फिदान ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रखने की इच्छा तो है, लेकिन कई अहम मुद्दों पर अब भी मतभेद बने हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मतभेदों को जल्द दूर नहीं किया गया, तो क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ सकती है।
फिदान ने यह भी कहा कि ईरान-अमेरिका वार्ता के कारण लेबनान की स्थिति पर वैश्विक ध्यान कम हो गया है, जिसका फायदा इजराइल उठा सकता है। उनके मुताबिक, क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए सभी पक्षों को समान रूप से ध्यान देने की जरूरत है।
इस बीच, वेटिकन से भी शांति का संदेश सामने आया है। पोप लिओ ने इजराइल और लेबनान के बीच जारी 10 दिन के युद्धविराम को बेहतर कदम हुए इसे आगे भी जारी रखे की बात कही है। सीजफायर को “उम्मीद की किरण” बताते हुए पोप ने कहा कि इससे स्थायी शांति की दिशा में रास्ता खुल सकता है।
पोप ने एक बार फिर वैश्विक नेताओं से अपील की कि वे युद्ध के बजाय संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि दुनिया को संघर्ष नहीं, बल्कि सहयोग और शांति की जरूरत है।
उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में अमेरिका, ईरान, इजराइल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव के चलते क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। ऐसे में तुर्किये और वेटिकन की ओर से आई ये अपील वैश्विक समुदाय के लिए महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही हैं, जो शांति बहाली के प्रयासों को नई दिशा दे सकती हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय