
नई दिल्ली, 02 अप्रैल (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान हनुमान को भक्ति, शक्ति और अटूट समर्पण का प्रतीक बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर अपने संदेश में कहा कि महाबली हनुमान की कृपा से सभी भक्तों में साहस और सकारात्मकता का संचार होता है।
उन्होंने हनुमान जी की स्तुति में एक संस्कृत श्लोक भी साझा किया, “मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शिरसा नमामि॥” इस सुभाषित का अर्थ है कि मैं उन हनुमान जी को सिर झुकाकर प्रणाम करता हूं जो मन की गति के समान तेज हैं, वायु के समान वेग वाले हैं, जिन्होंने अपनी इंद्रियों को जीत लिया है, जो बुद्धिमानों में श्रेष्ठ हैं, जो पवन देव के पुत्र हैं, वानरों की सेना के प्रमुख हैं और भगवान श्रीराम के दूत हैं।
प्रधानमंत्री ने एक अन्य संदेश में कहा कि यह पावन अवसर सभी के जीवन में नई ऊर्जा और स्फूर्ति लेकर आए। उन्होंने कामना की कि पवनपुत्र हनुमान जी सभी को बल, बुद्धि और विद्या का आशीर्वाद दें, जिससे देश का सामर्थ्य और अधिक बढ़े। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश के अंत में “जय बजरंगबली” का उद्घोष किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी