बड़ी गिरावट के बाद शेयर बाजार ने कैसे की शानदार रिकवरी, जानिए वापसी के कारण

युगवार्ता    02-Apr-2026
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प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 02 अप्रैल (हि.स.)। घरेलू शेयर बाजार ने आज निचले स्तर से जबरदस्त रिकवरी की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने का संकेत देने के बाद दुनिया के दूसरे शेयर बाजारों की तरह ही आज घरेलू शेयर बाजार ने भी बड़ी गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की थी। तनाव के माहौल में सेंसेक्स 1,588 अंक से भी अधिक टूट गया। इसी तरह निफ्टी भी करीब 500 अंक की गिरावट का शिकार हो गया।

दिन के पहले सत्र में लगातार दबाव बना रहा, लेकिन दोपहर 12 बजे के थोड़ी देर पहले बाजार में खरीदारी शुरू हो गई। खरीदारी के सपोर्ट से शेयर बाजार ने न केवल निचले स्तर से शानदार रिकवरी की, बल्कि मजबूती के साथ हरे निशान में पहुंच कर बंद होने में सफलता हासिल की। दिन के कारोबार में सेंसेक्स निचले स्तर से 2,022.73 अंक तक उछल गया। इसी तरह निफ्टी निचले स्तर से 599.75 अंक की छलांग लगाने में सफल रहा।

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि घरेलू शेयर बाजार में आज निचले स्तर से हुई खरीदारी, रुपये की कीमत में आई जोरदार तेजी और इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स की स्थिति में सुधार आने के कारण आज स्टॉक मार्केट बड़ी गिरावट का शिकार होने के बावजूद शानदार रिकवरी करने में सफल रहा। इन फैक्टर्स में भी सबसे बड़ी भूमिका रूपये की कीमत में आई तेजी की रही। इसकी वजह से ही मार्केट सेंटिमेंट्स में सुधार हो सका।

खुराना सिक्योरिटीज एंड फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ रवि चंदर खुराना का कहना है कि आज के कारोबार की शुरुआत निगेटिव नोट्स के साथ हुई थी। सुबह के सत्र में एशिया के सभी बाजार बड़ी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। डाउ जॉन्स फ्यूचर्स भी कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का संकेत देकर दुनिया भर में घबराहट का माहौल बना दिया था। इसकी वजह से घरेलू शेयर बाजार भी कमजोरी के साथ खुलने के बाद लगातार गिरता चला गया। शेयर बाजार की गिरावट दो प्रतिशत से भी अधिक हो गई थी।

ऐसे वक्त में भारतीय मुद्रा रुपये की कीमत में आई जोरदार तेजी ने शेयर बाजार के माहौल को भी बदल कर रख दिया। डॉलर इंडेक्स की मजबूती के बावजूद रुपया आज पिछले 12 साल की सबसे बड़ी छलांग लगाने में सफल रहा। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रुपये के कमजोर एक्सचेंज रेट के खिलाफ हो रही सट्टेबाजी पर सख्ती बढ़ा दी। आरबीआई की ओर से बैंकों की लोकल पोजीशन पर लिमिट सख्त करने के बाद अब विदेशी डेरिवेटिव्स पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है।

आरबीआई के इस कदम की वजह से डॉलर की तुलना में रुपया करीब दो प्रतिशत उछल कर 92.82 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि रुपये की ये जोरदार मजबूती बहुत देर तक कायम नहीं रही। दोपहर दो बजे के बाद डॉलर की मांग में एक बार फिर तेजी आने के कारण रुपया फिसल कर 93 रुपये प्रति डॉलर के स्तर से नीचे आ गया। इस गिरावट के बावजूद डॉलर की तुलना में रुपया आज 1.75 प्रतिशत से अधिक की मजबूती हासिल करने में सफल रहा।

डॉलर की तरह ही रुपये ने ब्रिटिश पाउंड (जीबीपी) और यूरो के मुकाबले भी मजबूत प्रदर्शन किया। रुपये ने ब्रिटिश पाउंड की तुलना में 3.26 रुपये तक की तेजी हासिल की। इसी तरह यूरो की तुलना में भी भारतीय मुद्रा 1.99 रुपये तक उछल गई। भारतीय मुद्रा की कीमत में आई इस जोरदार तेजी से शेयर बाजार के सेंटीमेंट्स पर काफी सकारात्मक असर पड़ा।

इसी तरह धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी के अनुसार रुपये की कीमत में आई मजबूती के कारण निवेशकों का उत्साह बढ़ा और उन्होंने वैल्यू बाइंग यानी निचले स्तर से खरीदारी करनी शुरू कर दी। निचले स्तर से शुरू हुई खरीदारी के कारण जोरदार गिरावट का सामना कर रहे शेयर बाजार ने भी रिकवरी शुरू कर दी। स्टॉक मार्केट के चुनिंदा शेयरों के अलावा निवेशकों ने ब्रॉडर मार्केट में भी जमकर खरीदारी की, जिसका असर निफ्टी के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में निचले स्तर से हुई रिकवरी के रूप में देखा जा सकता है।

हालांकि, ये दोनों सूचकांक अंत में गिरावट के साथ ही बंद हुए। इसके बावजूद दिन के कारोबार में इन दोनों सूचकांकों ने निचले स्तर से दो प्रतिशत से अधिक की रिकवरी की। निचले स्तर से हुई खरीदारी के कारण दिन के दूसरे सत्र में सभी सेक्टोरल इंडेक्स मजबूती हासिल करने में सफल रहे। हालांकि आखिरी आधे घंटे के कारोबार में हुई बिकवाली के कारण पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइज, ऑयल एंड गैस, हेल्थकेयर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑटोमोबाइल इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए।

प्रशांत धामी के अनुसार आज दिन के दूसरे सत्र में इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (इंडिया वीआईएक्स) की स्थिति में भी काफी सुधार हुआ, जिसकी वजह से शेयर बाजार के कारोबारियों का उत्साह बढ़ा। इस वजह से भी निवेशकों ने निचले स्तर से खरीदारी करने का हौसला दिखाया, जिसका परिणाम अंततः बाजार की शानदार रिकवरी के रूप में सामने आया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

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