पश्चिम बंगाल में न्यायिक अधिकारी सुरक्षित नहीं तो निवेशक खुद को सुरक्षित कैसे मानेंगे : स्मृति ईरानी

युगवार्ता    20-Apr-2026
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स्मृति


कोलकाता, 20 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी ने सोमवार को ममता सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्हाेंने राज्य के निवेश माहौल और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब न्यायिक अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो निवेशक राज्य में खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेंगे।

उनकी यह टिप्पणी भाजपा के राज्यसभा सांसद और पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य के आरोपों के समर्थन में आई, जिन्होंने राज्य से पूंजी, निवेश और अवसरों के बड़े पैमाने पर पलायन का दावा किया।

स्मृति ईरानी ने कहा कि यह देश का एकमात्र राज्य है जहां न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने जैसी घटना हुई। क्या किसी अन्य राज्य में ऐसा देखा गया है? क्या किसी अन्य राज्य में राष्ट्रपति का अपमान देखा गया है? ये संस्थाएं राजनीति से ऊपर हैं। जब न्यायिक अधिकारी पश्चिम बंगाल में सुरक्षित नहीं हैं, तो निवेशक खुद को सुरक्षित कैसे मानेंगे?

इससे पहले शमिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल अब निवेश के अनुकूल राज्य नहीं रह गया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 15 वर्षों में 79 हजार कंपनियां बंद हुई हैं, 1016 कंपनियां परिसमापन की प्रक्रिया में हैं और 6300 से अधिक कंपनियों ने अपना मुख्यालय कोलकाता से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर लिया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में हर तरफ पलायन है। धन का पलायन, पूंजी निवेश का पलायन, छात्रों का पलायन और प्रवासी श्रमिकों का पलायन हो रहा है। निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण शर्त न्यायिक व्यवस्था है, लेकिन बंगाल में न्यायपालिका दबाव में है। यहां कानून-व्यवस्था का पूर्ण अभाव है।

इस दौरान स्मृति ईरानी ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर तृणमूल कांग्रेस की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि यह विधेयक किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि देश की आम महिलाओं को राजनीतिक अधिकार और नीति निर्माण में समान भागीदारी देने के उद्देश्य से लाया गया था।

उन्होंने कहा कि संसद देश के हितों के लिए काम करती है, किसी एक दल के हितों के लिए नहीं।-------------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

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