महिला आरक्षण के विरोधी राजनीतिक दलों को महिलाएं ही देंगी जवाबः बड़ौली

युगवार्ता    21-Apr-2026
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भारतीय जनता पार्टी के हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली


नई दिल्ली, 21 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने मंगलवार को कहा कि महिला आरक्षण से जुड़े संविधान (131वां संशोधन) विधेयक को संसद में गिराने वाले राजनीतिक दलों को महिलाएं जवाब देंगी। देश में जो भी चुनाव होगा, इन दलों को खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

दिल्ली के हरियाणा भवन में पत्रकार वार्ता में मोहनलाल ने कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और उन राजनीतिक दलों पर निशाना साधा, जिन्होंने संसद में इसे पास नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन को लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाया गया था। यह हमारी माताओं, बहनों को राजनीति में भागादारी मिलने का बहुत बड़ा अवसर था, इस विधेयक को कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी जैसे राजनीतिक दलों ने गिराने का काम किया। ऐसा करके ये दल हमारे देश की आधी आबादी की नजरों से गिरे हैं। ऐसा करने वाले दलों को हमारी माताएं, बहनें माफ नहीं करेंगी, वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास को याद रखेंगी। मोदी ने महिला आरक्षण बिल पास करवाने का काम किया था। इसी तरह यदि नारी वंदन अधिनियम पास होता तो महिलाओं का 40 वर्षों का इंतजार खत्म होता और उन्हें राजनीतिक अधिकार मिलता।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी दलों ने नारी वंदन अधिनियम के साथ-साथ परिसीमन विधेयक को गिराने का काम भी किया है। इससे देश की महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण तो मिलता ही, इसके साथ-साथ लोकसभा में सीटें बढ़ने से उनकी राजनीतिक भागीदारी भी बढ़ती।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने झूठ फैलाया कि दक्षिण के साथ भेदभाव होगा, इस पर गृहमंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार से किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होता। इस विधेयक के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री मोदी महिलाओं को यह 33 प्रतिशत का अधिकार जरूर देने का फिर से प्रयास करेंगे और उसमें कामयाब भी होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी

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