
नई दिल्ली, 21 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई प्रमुख नेताओं ने सिविल सेवा दिवस के अवसर पर मंगलवार को सिविल सेवकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उनके योगदान की सराहना की और सुशासन, पारदर्शिता तथा नागरिक-केंद्रित विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को महत्वपूर्ण बताया।
राष्ट्रपति ने एक्स पर संदेश में सभी सिविल सेवकों को बधाई देते हुए कहा कि उत्तरदायी शासन को मजबूत करने और सार्वजनिक संस्थानों को सुदृढ़ करने में उनकी भूमिका अत्यंत अहम है। नवोन्मेषी और भविष्य उन्मुख नीतियों के निर्माण से लेकर उनके प्रभावी क्रियान्वयन तक, सिविल सेवकों का कार्य देश के करोड़ों लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सिविल सेवक ईमानदारी और सहानुभूति के साथ कार्य करते हुए समावेशी और प्रगतिशील भारत के निर्माण में योगदान देते रहेंगे।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने शुभकामनाएं देते हुए सिविल सेवकों के समर्पण और उत्कृष्ट सेवा की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक ढांचे के स्थायी स्तंभ के रूप में उनकी भूमिका शासन को सुदृढ़ बनाने और सार्वजनिक सेवाओं के प्रभावी वितरण में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस वर्ष की थीम “विकसित भारत: अंतिम मील पर नागरिक-केंद्रित शासन और विकास” को 2047 के विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप बताते हुए उन्होंने अंतिम छोर तक सेवाओं की पहुंच पर बल दिया।
ओम बिरला ने सिविल सेवकों को राष्ट्र निर्माण की रीढ़ बताते हुए कहा कि वे न केवल नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करते हैं, बल्कि सरकार और जनता के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य भी करते हैं। दूरदराज के गांवों से लेकर बड़े शहरों तक, सिविल सेवक विकास, कानून व्यवस्था और जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन और ईमानदारी के साथ नागरिक सेवा में सिविल सेवकों का योगदान राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सिविल सेवा पेशेवरों के समर्पण, अखंडता और सेवा भावना को देश की प्रगति का आधार बताया।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी