
काठमांडू, 23 अप्रैल (हि.स.)। नेपाल की राजधानी काठमांडू की वायु गुणवत्ता में तेज गिरावट दर्ज की गई है। काठमांडू का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 247 दर्ज किया गया, जिससे यह वैश्विक सूची में दूसरे स्थान पर रहा। लाहौर 381 एक्यूआई के साथ सूची में सबसे ऊपर रहा।
एक्यूआई एयर ने गुरुवार को जारी आंकड़ों में बताया कि काठमांडू 247 एक्यूआई के साथ दुनिया का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया है।एक्यूआई का स्तर 200 से अधिक होने पर इसे 'बहुत अस्वस्थ' श्रेणी में रखा जाता है और यह आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक इस स्तर के प्रदूषण में रहने से सांस संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। पहले से मौजूद हृदय और फेफड़ों की बीमारियां बढ़ सकती हैं और दीर्घकालिक स्वास्थ्य जटिलताओं का खतरा भी बढ़ सकता है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग अधिक जोखिम में हैं।
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि गंभीर प्रदूषण के दौरान बाहरी गतिविधियों को सीमित करें, मास्क पहनें और स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। हालांकि, काठमांडू की बिगड़ती वायु गुणवत्ता से निपटने के लिए प्रभावी दीर्घकालिक उपायों की कमी को लेकर चिंता बनी हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार शुष्क मौसम, धूल और वाहनों से बढ़ता उत्सर्जन राजधानी में प्रदूषण बढ़ने के प्रमुख कारण हैं। पर्यावरणविदों का कहना है कि इस संकट से निपटने के लिए उत्सर्जन मानकों को सख्ती से लागू करना, बेहतर शहरी योजना बनाना और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास