लगातार दूसरे दिन धड़ाम हुआ शेयर बाजार, जानिए बाजार की कमजोरी की सात वजहें

युगवार्ता    23-Apr-2026
Total Views |
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 23 अप्रैल (हि.स.)। घरेलू शेयर बाजार आज लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट का शिकार हो गया। दिन के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांक एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट का शिकार हो गए। हालांकि कारोबार के अंत में हुई मामूली खरीदारी से इन दोनों सूचकांकों की स्थिति में मामूली सुधार भी हुआ। इसके बावजूद सेंसेक्स एक प्रतिशत से अधिक की कमजोरी के साथ ही बंद हुआ।

माना जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने, कच्चे तेल की कीमत में तेजी आने, ग्लोबल मार्केट के कमजोर संकेत, शेयर बाजार में हुई चौतरफा बिकवाली, मुनाफा वसूली, सेंसेक्स की एक्सपायरी और इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (इंडिया वीआईएक्स) में बढ़त होने की वजह से घरेलू शेयर बाजार आज बड़ी गिरावट का शिकार हो गया।

खुराना सिक्योरिटीज एंड फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ रवि चंदर खुराना के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी जंग को लेकर अमेरिका ने अपनी ओर से सीजफायर को अनिश्चितकाल तक बढ़ाने का ऐलान जरूर किया है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी जारी रखने की बात कह कर उसने तनाव बढ़ा दिया है। इसके जवाब में ईरान ने भी सख्त रुख अपनाने और जैसा को तैसा जवाब देने का ऐलान किया है।

ईरान ने अपनी ओर से होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से ठप करने और नाकाबंदी जारी रहने तक किसी भी शांति वार्ता में भाग नहीं लेने का ऐलान कर दिया है। इस ऐलान के कारण पश्चिम एशिया के तनाव को लेकर असमंजस का माहौल बन गया है। दोनों पक्षों के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता के टल जाने की वजह से दुनिया भर के बाजार में घबराहट का माहौल बना हुआ है, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ रहा है।

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर सहमति नहीं बनने के कारण कच्चे तेल की कीमत ने भी रफ्तार पकड़ ली है। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के स्तर को पार कर कारोबार कर रहा है। कच्चे तेल की कीमत में तेजी आने के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका बन गई है। इसी तरह चालू खाते के घाटे में भी बढ़ोतरी होने का डर बन गया है। इसके अलावा मैक्रो इकोनॉमिक लेवल पर अस्थिरता की आशंका ने भी बाजार में डर का माहौल बना दिया है।

रवि चंदर खुराना का कहना है कि पश्चिम एशिया के तनाव की वजह से ग्लोबल मार्केट से भी आज लगातार कमजोर संकेत मिलते रहे। ज्यादातर एशियाई बाजार में आज बिकवाली का दबाव बना रहा। इसी तरह यूरोपीय बाजार ने भी कमजोरी के साथ कारोबार की शुरुआत की। वैश्विक स्तर पर बनी कमजोरी ने भी भारतीय शेयर बाजार को काफी हद तक प्रभावित किया।

बाजार की गिरावट की एक बड़ी वजह विदेशी और घरेलू निवेशकों की बिकवाली भी रही। आमतौर पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली होने पर घरेलू संस्थागत निवेशक खरीदारी कर बाजार को सपोर्ट देने की कोशिश करते हैं, लेकिन पिछले दो दिनों के दौरान इस ट्रेंड में बदलाव आया है। इन दो दिनों में विदेशी निवेशकों के साथ ही घरेलू निवेशकों ने भी लगातार बिकवाली का दबाव बनाया हुआ है। ऐसी स्थिति में घरेलू शेयर बाजार का निवेश संतुलन बिगड़ गया है।

इसके अलावा पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार से लेकर इस सप्ताह मंगलवार तक यानी लगातार तीन कारोबारी दिन बाजार में बनी तेजी का फायदा उठाने के लिए बड़ी संख्या में निवेशकों ने जम कर मुनाफा वसूली भी की। इस मुनाफा वसूली के कारण भी बाजार पर दबाव बन गया। इसी तरह आज ही सेंसेक्स के डेरिवेटिव कांट्रैक्ट्स के वीकली एक्सपायरी हुई है। इसकी वजह से आज हुए वीकली सेटलमेंट ने भी घरेलू शेयर बाजार पर दबाव बना दिया।

आज की गिरावट की एक वजह स्टॉक मार्केट की घबराहट का अनुमान लगाने वाले इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (इंडिया वीआईएक्स) में आई तेजी भी रही। इंडिया वीआईएक्स आज 1.59 प्रतिशत उछल कर 18.59 के स्तर पर पहुंच गया। ऐसे में स्टॉक मार्केट में वोलैटिलिटी बढ़ाने की आशंका से भी निवेशकों ने बाजार से अपना पैसा निकालना बेहतर समझा।

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि निफ्टी के लिए 24,300 का स्तर मजबूत सपोर्ट लेवल था, लेकिन आज ये सपोर्ट लेवल ब्रेक हो गया। इसके बावजूद निफ्टी लगातार 24,100 अंक के स्तर के ऊपर बना हुआ है। रवि चंदर खुराना का कहना है कि अगर 24,100 अंक का लेवल भी टूटा, तो निफ्टी की गिरावट और तेज हो सकती है। दूसरी ओर, अपर लेवल पर निफ्टी के लिए 24,500 से लेकर 24,600 अंक के आसपास मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। अगर निफ्टी इस लेवल को ब्रेक करने में सफल हुआ, तो इस सूचकांक की चाल में जोरदार तेजी देखी जा सकती है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

Tags