
वाशिंगटन, 23 अप्रैल (हु.स.)। आखिरकार अमेरिकी सीनेट में बजट प्रस्ताव पारित हो गया। इससे ट्रंप प्रशासन को बड़ी राहत मिली है। सत्तारूढ़ रिपब्लिक पार्टी को रातभर चली लंबी मतदान प्रक्रिया के बाद यह सफलता मिली। अब होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के तहत इमिग्रेशन एजेंसियों को फंड देने के लिए डेमोक्रेट्स की मदद की जरूरत नहीं पड़ेगी। गुरुवार सुबह 3:30 बजे (पूर्वी समय) के कुछ ही देर बाद सीनेट ने 50 के मुकाबले 48 मतों से इस प्रस्ताव को पारित कर दिया।
सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल (केंटकी) और लिसा मुर्कोव्स्की (अलास्का) अपनी पार्टी के ऐसे एकमात्र सदस्य हैं, जिन्होंने पार्टी लाइन से हटकर इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया। अब यह प्रस्ताव हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (निचले सदन) में पारित होने के लिए भेजा जाएगा। इसके बादअंतिम फंडिंग बिल तैयार किया जा सकेगा। इस पर भी दोनों सदनों में मतदान संभव है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बिल के अंतिम रूप से पारित होने के लिए एक जून की समय सीमा तय की है। साउथ डकोटा के सीनेट बहुमत दल के नेता जॉन थून ने कहा, हमारे सामने अभी कई चरणों वाली प्रक्रिया बाकी है। अंततः रिपब्लिकन यह सुनिश्चित करने में सफल होंगे कि अमेरिका की सीमाएं सुरक्षित रहें और वे डेमोक्रेट्स को इन महत्वपूर्ण एजेंसियों की फंडिंग में बाधा डालने से भी रोकेंगे।
रिपब्लिकन सदस्यों ने इन एजेंसियों को तीन साल से अधिक समय तक फंड देने का लक्ष्य तय किया है। यह बजट प्रस्ताव सीनेट की न्यायपालिका और होमलैंड सिक्योरिटी समितियों को ऐसे कानून का मसौदा तैयार करने का अधिकार देता है, जिसके तहत खर्च में 70 अरब डॉलर तक की वृद्धि की जा सके। इस राशि का उपयोग इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट और कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन के कुछ हिस्सों को फंड देने के लिए किया जाएगा।
इस प्रस्ताव को पारित किए जाने से पहले सदन में एक ऐसी प्रक्रिया अपनाई गई जिसे वोट-ए-रामा के नाम से जाना जाता है। इस प्रक्रिया के तहत सीनेटर असीमित संख्या में संशोधन प्रस्ताव पेश कर सकते हैं और सदन को बार-बार वोटिंग करने के लिए बाध्य कर सकते हैं। डेमोक्रेट्स के पेश किए गए संशोधनों पर मतदान रात 9:30 बजे (पूर्वी समय) के कुछ देर बाद शुरू हुआ। सीनेट में माइनॉरिटी लीडर चक शूमर ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डेमोक्रेट्स की योजनाओं पर चर्चा की।
उल्लेखनीय है कि जनवरी में मिनियापोलिस में संघीय एजेंटों की जानलेवा गोलीबारी की घटनाओं के बाद कांग्रेस में फंडिंग का मुद्दा एक बड़ा विवाद बना। इस गतिरोध के चलते 14 फरवरी को होमलैंड सिक्योरिटी विभाग बंद हो गया। हफ्तों तक चली खींचतान के बाद भी सीनेट के डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स सुधारों पर किसी समझौते तक पहुंचने में नाकाम रहे। अब कहीं जाकर यह बजट प्रस्ताव पास हो सका है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद