
देहरादून, 23 अप्रैल (हि.स.)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एम्स ऋषिकेश के 6वें दीक्षांत समारोह में मेडिकल स्नातकों से सहानुभूति, ईमानदारी और राष्ट्र-निर्माण के प्रति समर्पण के साथ सेवा करने का आह्वान किया।
गुरुवार को यहां उपराष्ट्रपति ने एम्स विस्तार की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए। स्वास्थ्य सेवाएं केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उप राष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश में टेलीमेडिसिन और नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।
उपराष्ट्रपति ने भारत की न्यायसंगत कोविड प्रतिक्रिया पर प्रकाश डाला और 'वैक्सीन मैत्री' पहल की सराहना की। इसके अलावा उन्होंने बुनियादी ढांचे और सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना की।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एम्स ऋषिकेश के 6वें दीक्षांत समारोह में डीएम, एम.सी.एच., एमएस, एमडी, एमबीबीएस, बीएससी नर्सिंग की स्नातक उपाधि भी वितरित की। समारोह में डॉ. मेहुल अग्रवाल, एम.सी.एच. (यूरोलॉजी), बैच (जुलाई-2022), डॉ. मयंक कपूर डी.एम. (मेडिकल ऑन्कोलॉजी) बैच (जनवरी-2023), डॉ. लखविंदर सिंह एम.सी.एच. (गायनोकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी) बैच (जुलाई-2022), डॉ. कृष्णप्रिया एस. कुमार, डी.एम. (पल्मोनरी, क्रिटिकल केयर और स्लीप मेडिसिन) बैच (जनवरी-2023), एम.डी.एम.एस. कोर्स, डॉ. श्रीजीत जे एम.डी. (इमरजेंसी मेडिसिन) बैच (जुलाई-2022), डॉ. बालाचंद्र रौथु, एम.डी. (जनरल मेडिसिन) बैच (जनवरी-2023), डॉ. के. विद्या एमडी (परमाणु चिकित्सा) बैच (जनवरी-2023) को योग्यता के आधार पर पदक देकर सम्मानित किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल