भारत से १०० रुपये से अधिक का सामान लाने पर कस्टम ड्यूटी से सीमा पर कम हुई भीड़

युगवार्ता    26-Apr-2026
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काठमांडू, 26 अप्रैल (हि.स.)। नेपाल के सीमावर्ती भारतीय बाजारों से खरीदकर लाए जाने वाले सामान पर 100 रुपये से ही कस्टम शुल्क लेने के नियम को सख्ती से लागू किए जाने के बाद सीमा नाकों पर आम लोगों की भीड़ कम हो गई है।

भारतीय बाजार से 100 रुपये से अधिक मूल्य का सामान लाने पर अनिवार्य रूप से कस्टम शुल्क चुकाने के नियम लागू होने के बाद सीमा पर तैनात सुरक्षाकर्मी और कर्मचारी बैग जांच से लेकर माइकिंग तक की कार्रवाई तेज कर चुके हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि अवैध आयात रोकने के लिए शुरू की गई इस सख्ती से पेशेवर तस्करी में कमी आएगी।

प्रशासन का दावा है कि घरेलू उपयोग के नाम पर व्यावसायिक कारोबार के लिए भारत से सामान खरीदकर लाने और बार-बार भारतीय बाजार जाकर सामान ढोने वाली पेशेवर तस्करी अब कुछ कम होने लगी है। दो साल पहले भी कुछ कस्टम कार्यालयों में ऐसी व्यवस्था लागू की गई थी, लेकिन नेपाल के स्थानीय लोगों के दबाव के कारण कस्टम विभाग और प्रशासन पीछे हट गए थे। हालांकि इस बार सरकार के सख्त निर्देश के बाद सभी सीमा नाकों पर अनिवार्य कस्टम लागू किया गया है।

भैरहवा कस्टम के प्रमुख हरिहर पौडेल ने कहा कि फिलहाल सीमा नाकों पर सख्ती बढ़ा दी गई है और 100 रुपये से अधिक मूल्य का सामान लाने वालों को अनिवार्य रूप से कस्टम शुल्क देना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि घरेलू उपयोग के नाम पर यात्रियों द्वारा मुख्य सीमा नाकों से बड़े पैमाने पर किए जाने वाले आयात को रोकने और खुली सीमा से होने वाली तस्करी पर नियंत्रण के लिए यह कदम उठाया गया है।

इसी तरह नेपालगंज कस्टम प्रमुख जनार्दन पौडेल ने कहा कि अनिवार्य कस्टम नीति से देश का राजस्व बढ़ेगा, इसलिए सरकार को इसे सख्ती से लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से सरकार को पीछे नहीं हटना चाहिए। यदि लोगों को जागरूक बनाकर इस नियम को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, तो देश में बड़ा राजस्व संग्रह हो सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास

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