(लीड) पश्चिम बंगाल विस चुनाव के अंतिम चरण का प्रचार थमा, 29 अप्रैल को मतदान

युगवार्ता    27-Apr-2026
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निर्वाचन सदन की तस्वीर


ईवीएम की तस्वीर


नई दिल्ली/कोलकाता, 27 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे एवं अंतिम चरण के लिए चुनाव प्रचार सोमवार शाम थम गया।राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा की बाकी 142 सीटों पर बुधवार (29 अप्रैल) को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। प्रथम चरण के 23 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान कई मतदान केंद्रों पर हिंसा को देखते हुए इस बार सुरक्षा के और कड़े प्रबंध किए गए हैं।

चुनाव आयोग के मुताबिक इस चरण में कोलकाता, हावड़ा, नादिया, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हुगली और पूर्व बर्धमान की सीटों पर मतदान होगा। पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण में लगभग 40 हजार मतदान केंद्रों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस चरण में कई संवेदनशील क्षेत्र भी शामिल हैं, जिसके चलते चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए राज्य पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की कुल 2,348 कंपनियां तैनात की जाएंगी। इनमें सबसे अधिक 507 कंपनियां उत्तर 24 परगना जिले में तैनात होंगी।

बांग्लादेश से सटी लंबी तटीय सीमा और सुंदरबन क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए दक्षिण 24 परगना और उत्तर 24 परगना जिलों में तटीय गश्त और सुरक्षा निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने सीमा क्षेत्रों में विशेष चौकसी और सुरक्षा बंदोबस्त किए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

चुनाव प्रचार के अंतिम दिन सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने पूरी ताकत झोंक दी। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बैरकपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील की।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दो बड़े रोड शो किए। पहला बेहाला थाना से मंटन तक और दूसरा हुगली के चंदननगर बागबाजार क्षेत्र में आयोजित किया गया। रोड शो के दौरान अमित शाह ने राज्य सरकार पर निशाना साधा और भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में समर्थन मांगा।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी जादवपुर और टॉलीगंज के प्रत्याशियों के समर्थन में जादवपुर के सुकांत सेतु से जनसभा मार्च में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने अपने भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में भी जनसभा की। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने राणाघाट, हुगली, आरामबाग और महेशतला में व्यापक प्रचार किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी चार चुनावी कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने उत्तर 24 परगना के कल्याणी विधानसभा क्षेत्र में रोड शो से शुरुआत की, इसके बाद हुगली के धानेखाली में जनसभा को संबोधित किया। फिर कोलकाता के दमदम विधानसभा क्षेत्र में रोड शो किया और अंत में राजारहाट गोपालपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए लोगों से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की।

पश्चिम बंगाल में पिछले एक महीने से चुनावी माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ था। रैलियों, रोड शो, जनसभाओं और तीखे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच सोमवार शाम प्रचार थमने के साथ अब फैसला मतदाताओं के हाथ में आ गया है।

उल्लेखनीय है कि 23 अप्रैल को हुए पहले चरण के मतदान में पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जिसने राज्य में चुनावी उत्साह को और स्पष्ट कर दिया। इस अभूतपूर्व मतदान प्रतिशत ने राजनीतिक दलों की रणनीतियों और चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित किया है।

अब सभी की नजरें 29 अप्रैल के मतदान और 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के साथ-साथ केरल की 140, असम की 126, तमिलनाडु की 234 और पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटों के लिए हुए मतदान की मतगणना भी इसी दिन होगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल के इस सियासी ‘खेला’ का अंतिम परिणाम 4 मई को सामने आएगा। पहले चरण के रिकॉर्ड मतदान ने सभी कयासों को बदल दिया है, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प और कांटे का हो गया है। राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम जनता की निगाहें अब 29 अप्रैल के मतदान और अंतिम परिणाम पर टिकी हैं। हालांकि, सत्ता की असली तस्वीर 4 मई को मतगणना के बाद ही साफ होगी, जब यह तय होगा कि बंगाल की बागडोर किसके हाथों में जाएगी।----------

हिन्दुस्थान समाचार / उदय कुमार सिंह

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