
शिलांग, 28 अप्रैल (हि.स.)। मेघालय की राजधानी शिलांग की एक अदालत ने राजा रघुवंशी हत्याकांड में अहम फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपित सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी है। वह अपने पति की हत्या के आरोप में पिछले कई महीनों से शिलांग जेल में थी।
सोनम को चौथी जमानत याचिका पर यह राहत मिली। इससे पहले उसकी तीन याचिकाएं अदालत की ओर से खारिज कर दी गई थीं। पीड़ित के भाई विपिन रघुवंशी ने इस निर्णय की पुष्टि की है।
शिलांग सेशन कोर्ट ने बीते सप्ताह सोनम की जमानत याचिका पर सुनवाई करने के बाद सोमवार को जमानत का आदेश दिया। अपने फैसले में न्यायाधीश ने कहा कि पुलिस ने सोनम को गिरफ्तार करते हुए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 22 के प्रावधानों का पालन नहीं किया।
सरकारी अधिवक्ता केसी गौतम ने इस बात की पुष्टि की कि सोनम को गिरफ्तार करने में प्रावधानों के अनुसार कार्य नहीं करने के कारण सोनम को जमानत मिली है। सेशन कोर्ट द्वारा सोमवार को फैसला सुनाए जाने के बावजूद इसे सार्वजनिक नहीं किया गया था। मामले को मंगलवार को सार्वजनिक किया गया।
यह मामला मध्य प्रदेश में भी काफी चर्चित रहा है, जहां से मृतक राजा रघुवंशी ताल्लुक रखते थे और वह एक परिवहन व्यवसायी थे।
राजा रघुवंशी हत्याकांड ने पूरे देश को चौंका दिया था। इस प्रकरण में तीन अन्य आरोपितों लोकेंद्र सिंह तोमर, बलबीर अहिरवार और शिलोम जेम्स को पहले ही जमानत मिल चुकी है, जबकि एक अन्य कथित सहयोगी राज कुशवाहा अभी भी न्यायिक हिरासत में है।
मृतक के परिजनों ने इस फैसले पर निराशा जताई है और इसे न्याय की लड़ाई में एक झटका बताया है।
पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने कहा कि जमानत मिलने के बावजूद कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी और पुलिस कानून के अनुसार मामले की जांच आगे बढ़ाती रहेगी।
राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की शादी पिछले साल मई में हुई थी। शादी के कुछ समय बाद दोनों शिलांग हनीमून मनाने के लिए आए थे। इसके बाद कुछ दिनों लापता रहने के बाद राजा का शव पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा क्षेत्र में एक जलप्रपात के पास बरामद किया गया था। इसके बाद पुलिस ने सोनम सहित कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश