मुंबई, 05 अप्रैल (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि नासिक मामले के आर्थिक ऐंगल की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम करेगी। ईडी ने इस मामले से जुड़े आर्थिक मामलों की जानकारी लिया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस रविवार को नासिक में पत्रकारों को बताया, अशोक खरात केस में अब तक 12 केस दर्ज किए गए हैं। इस केस में एसआईटी जांच चल रही है और इसकी घोषणा हर दिन नहीं की जा सकती। धोखेबाज अशोक खरात के केस की पूरी जांच की जाएगी। उसके सभी लेन-देन की जांच की जाएगी। ईडी ने इस केस की जानकारी ली है। इसलिए, उसकी ईडी जांच करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने अशोक खरात का सीडीआर जारी किया और बताया कि उन्हें किस नेता से कितने कॉल आए। इसलिए, कई लोगों ने सवाल उठाया कि दमानिया को यह सीडीआर कहां से मिला। मुख्यमंत्री ने कहा, किसी को भी सीडीआर हासिल करने का अधिकार नहीं है। सिर्फ़ जांच करने वाली एजेंसियों को ही सीडीआर हासिल करने का अधिकार है जो इस केस की जांच कर रही हैं। इसलिए, इस केस का सीडीआर कैसे सामने आया, कहां से मिला, इसकी जांच की जाएगी। अशोक खरात केस में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि नासिक दुष्कर्म मामले में सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने एक सीडीआर जारी कर दिया था। इस सीडीआर का हवाला देते हुए दमानिया ने कहा था कि की नेताओं ने इस मामले के आरोपित अशोक खरात से बात की थी। हालांकि अंजली दमानिया ने यह भी कहा था कि उन्होंने इस सीडीआर की प्रति मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राज्य के पुलिस महानिदेशक और एसआईटी प्रमुख को भेज दिया था। लेकिन इस बाद सीडीआर को लेकर सवाल उठने लगे थे। शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राऊत ने कहा था कि यह सीडीआर मुख्यमंत्री कार्यालय ने ही अंजली दमानिया तक पहुंचाया होगा। इसके बाद इस सीडीआर की छानबीन की मांग उठने लगी थी। इसी वजह से आज मुख्यमंत्री ने सीडीआर लीक होने की जांच का आदेश भी दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव