
काठमांडू, 06 अप्रैल (हि.स.)। पेट्रोलियम पदार्थों की खपत घटाने और विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के उद्देश्य से सप्ताह में दो दिन सार्वजनिक अवकाश देने के निर्णय पर शैक्षिक कैलेंडर बिगड़ने की चिंता जताई गई है।
निजी तथा आवासीय विद्यालय एसोसिएशन नेपाल की तरफ से एक बयान में बताया गया है कि शनिवार और रविवार को अवकाश देने से वर्षभर में कुल छुट्टियां 104 दिन तक पहुंच जाएंगी। इसके साथ ही अन्य धार्मिक और सांस्कृतिक छुट्टियां जोड़ने पर कार्य दिवसों की तुलना में छुट्टियों की संख्या अधिक हो जाएगी, जिससे नेपाल सरकार के निर्धारित विस्तृत पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करना कठिन होगा।
बयान में कहा गया है कि नेपाल का पाठ्यक्रम अंतरराष्ट्रीय स्तर का और काफी विस्तृत है। एक ओर कार्य दिवस घटाए जा रहे हैं, तो दूसरी ओर शैक्षिक सत्र भी देर से शुरू किया जा रहा है, ऐसे में शिक्षा के लक्ष्यों को प्राप्त करना संभव नहीं होगा। वर्तमान में युवा नेतृत्व वाली सरकार को पेट्रोलियम आपूर्ति सामान्य होते ही इस निर्णय पर पुनर्विचार कर सप्ताह में केवल एक दिन अवकाश की व्यवस्था करनी चाहिए।
एसोशिएशन के अनुसार शैक्षिक सत्र शुरू होने की तिथि को 15 दिन आगे बढ़ाने का निर्णय भी शैक्षिक कैलेंडर पर अतिरिक्त दबाव डालेगा। बयान में कहा गया है कि पढ़ाई के दिनों में कमी और सत्र की शुरुआत १४ अप्रैल से बढ़ाकर ३० अप्रैल करने से अतिरिक्त 15 दिन का खाली समय बनेगा, जिससे खर्च भी बढ़ेगा। इसलिए संकट के समाधान के लिए केवल छुट्टी बढ़ाने के बजाय दीर्घकालीन उपाय खोजे जाने चाहिए।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास