देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और पीएनजी की आपूर्ति स्थिर, ईंधन स्टेशनों के पास पर्याप्त स्टॉक: सुजाता शर्मा

युगवार्ता    07-Apr-2026
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अंतर-मंत्रालयी प्रेसवार्ता को संबोधित करते सुजाता शर्मा


नई दिल्ली, 07 अप्रैल (हि.स)। पश्चिम एशिया संकट के बीच केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और पीएनजी की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है और ईंधन स्टेशनों के पास पर्याप्त स्टॉक है। हमारी रिफाइनरियां बेहतर काम कर रही हैं, कुछ तो 100 फीसदी क्षमता से ऊपर भी चल रही हैं।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने यहां अंतर-मंत्रालयी प्रेसवार्ता में कहा कि 96 फीसदी ऑनलाइन बुकिंग और ओटीपी आधारित डिलीवरी के साथ घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) का वितरण सुचारू रूप से जारी है। उन्होंने कहा कि करीब 6500 टन वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति की गई, जबकि 5 किलोग्राम वाले सिलेंडरों की मजबूत मांग देखी गई है। एक दिन में एक लाख गैस सिलेंडर की सप्लाई की गई और 23 मार्च से 7.8 लाख से अधिक सिलेंडर बेचे गए है।

सुजाता शर्मा ने बताया कि पीएनजी कनेक्शन के विस्तार और 16500 से अधिक उपभोक्ताओं के एलपीजी से हटने के साथ-साथ प्रमुख क्षेत्रों में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है। सरकार एक मॉडल सीबीजी नीति के जरिए संपीड़ित बायोगैस को भी बढ़ावा दे रही है। इसे राज्यों के लिए अतिरिक्त वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन के साथ जोड़ रही है। रिफाइनरियां आरामदायक कच्चे तेल की उपलब्धता के साथ इष्टतम स्तर पर काम कर रही हैं, जबकि स्थिरता बनाए रखने और घबराहट को रोकने के लिए राज्यों के साथ निरंतर समन्वय के साथ छापे, जुर्माना और वितरक निलंबन के माध्यम से प्रवर्तन तेज हो गया है।

संयुक्त सचिव सुजाता र्श्मा ने कहा कि एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप में किसी तरह की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है और सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पेट्रोल पंपों पर भी किसी तरह की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। कल 6500 टन कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई की गई। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा 1300 जागरूकता शिविर आयोजित किए गए हैं। शर्मा ने कहा कि उर्वरक कंपनियों को 6 तारीख से अपनी प्राकृतिक गैस की खपत को 90 फीसदी तक कम करने के लिए कहा गया है।

बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 433 नाविकों के साथ 16 भारतीय ध्वज वाले जहाज पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में रहते हैं। जहाजरानी महानिदेशालय जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय मिशनों के साथ समन्वय कर रहा है और सक्रिय रूप से स्थिति की निगरानी कर रहा है।

मुकेश मंगल ने कहा कि डीजी शिपिंग कंट्रोल रूम ने पिछले 24 घंटों में 5,342 से अधिक कॉल और लगभग 11,000 ईमेल को संभाला है, जिसमें 229 कॉल और 406 ईमेल शामिल हैं। अब तक 1,691 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया गया है, जिनमें से 92 पिछले 24 घंटों में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पूरे भारत में बंदरगाह चालू हैं, कोई भीड़भाड़ की सूचना नहीं है। राज्य समुद्री बोर्डों ने भी सुचारू कामकाज की पुष्टि की है।

विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव असीम आर महाजन ने कहा कि जिन देशों में हवाई क्षेत्र खुला है, वहां से उड़ान संचालन जारी है। 28 फरवरी से अब तक लगभग 7.6 लाख यात्री भारत आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज संयुक्त अरब अमीरात से लगभग 90 उड़ानें आने की उम्मीद है, जबकि सऊदी अरब और ओमान से भी सेवाएं संचालित हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि कतर सीमित उड़ानें चला रहा है, जबकि कुवैत और बहरीन हवाई क्षेत्र बंद हैं। सऊदी अरब के माध्यम से वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। तेहरान में दूतावास ने छात्रों और मछुआरों सहित 1,862 भारतीयों को आगे की यात्रा के लिए आर्मेनिया और अजरबैजान की आवाजाही की सुविधा प्रदान की है। भारत वापसी सुनिश्चित करने के लिए पड़ोसी देशों के माध्यम से इज़राइल, इराक, कुवैत और बहरीन से भी यात्रा की सुविधा दी जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

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