
नई दिल्ली, 08 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को मुख्य निर्वाचन आयोग पहुंचा। पार्टी नेताओं ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चार पन्नों की शिकायत दर्ज कराई। प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार, अर्जुन मेघवाल और भाजपा महासचिव अरुण सिंह शामिल थे।
भाजपा ने आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी ने चुनावी रैलियों में ऐसे बयान दिए हैं, जिससे लोगों में डर और भ्रम फैल सकता है। शिकायत के अनुसार, एक रैली में ममता बनर्जी ने कहा कि “सीआरपीएफ की 200 गाड़ियां लोगों पर हमला करने आ रही हैं।” वहीं, दूसरी रैली में उन्होंने आरोप लगाया कि ”सीआरपीएफ की गाड़ियों से पैसे लाए जा रहे हैं।”
भाजपा ने अपनी शिकायत में कहा कि ऐसे बयान केंद्रीय सुरक्षा बलों की छवि खराब करते हैं। लोगों में डर पैदा कर सकते हैं। चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित कर सकते हैं। भाजपा ने भारत निर्वाचन आयोग से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
आयोग से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए भाजपा नेता अरुण सिंह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने कथित तौर पर सीआरपीएफ जवानों के खिलाफ हिंसा भड़काने वाला बयान दिया है।
अरुण सिंह ने कहा कि अभिषेक बनर्जी ने भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के हाथ-पैर तोड़ने जैसी बात कही है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है। भाजपा ने चुनाव आयोग से मांग की है कि दोनों नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए, कड़ी कार्रवाई हो और उन्हें चुनाव के दौरान भाषण देने से प्रतिबंधित किया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी